आलीराजपुर: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ रुपये के 2070 गांजे के पौधे जब्त; चार थानों की संयुक्त टीम ने दो खेतों में दी दबिश, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। रविवार सुबह मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के छोटा इटारा क्षेत्र के डुडवा फलिया में छापेमारी करते हुए दो अलग-अलग खेतों से कुल 2070 अवैध गांजे के पौधे जब्त किए हैं। पुलिस द्वारा जब्त किए गए इन गांजे के पौधों की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
आलीराजपुर जिले में नशीले पदार्थों की अवैध खेती पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में रविवार सुबह करीब 7 बजे यह बड़ी कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से विश्वसनीय सूचना मिली थी कि छोटा इटारा क्षेत्र के डुडवा फलिया में कुछ लोगों द्वारा अपने खेतों में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है। इस सूचना को बेहद गोपनीय रखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का खाका तैयार किया। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए आम्बुआ, उदयगढ़, आजाद नगर और जोबट थाने की पुलिस टीमों को शामिल करते हुए एक संयुक्त दल का गठन किया गया। चारों थानों की संयुक्त टीम ने रविवार सुबह तड़के डुडवा फलिया पहुंचकर निर्दिष्ट स्थान पर दबिश दी।
पुलिस टीम ने डुडवा फलिया में दो अलग-अलग खेतों की तलाशी ली। जांच के दौरान पाया गया कि इन खेतों में बड़े पैमाने पर गांजे के पौधे उगाए गए थे। पुलिस ने मौके से कुल 2070 गांजे के पौधों को जब्त किया। जब्त किए गए इन पौधों की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस अचानक हुई छापेमारी से अवैध खेती करने वालों में हड़कंप मच गया। दबिश के दौरान पुलिस टीम ने मौके से दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, स्रोत जानकारी में इन दोनों आरोपियों के नाम या उनकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थाने में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। एनडीपीएस एक्ट देश में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खेती से निपटने के लिए लागू एक सख्त कानून है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। आलीराजपुर जिला भौगोलिक रूप से गुजरात और राजस्थान की सीमाओं से लगा हुआ है। जिले के कई हिस्से घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से घिरे होने के कारण यहां अवैध गांजे की खेती की चुनौती समय-समय पर सामने आती रहती है। ऐसे दुर्गम इलाकों में तस्कर अक्सर अन्य फसलों के बीच गांजे की अवैध खेती करने का प्रयास करते हैं, ताकि वे पुलिस की नजर से बचे रह सकें।
हालांकि, आलीराजपुर पुलिस ने मुखबिर तंत्र को मजबूत करते हुए ऐसे अवैध धंधों के खिलाफ अपनी निगरानी बढ़ा दी है। रविवार को आम्बुआ, उदयगढ़, आजाद नगर और जोबट थानों की टीमों द्वारा की गई यह संयुक्त कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है। चार अलग-अलग थानों की पुलिस को एक साथ मिलाकर कार्रवाई करने से ऑपरेशन को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाया गया। पुलिस विभाग का मानना है कि ऐसी संयुक्त कार्रवाइयों से न केवल अवैध खेती करने वालों पर दबाव बनता है, बल्कि जिले में नशीले पदार्थों के कारोबार में लिप्त अन्य तत्वों को भी सख्त संदेश जाता है।
पुलिस द्वारा जब्त किए गए 2070 गांजे के पौधों को नष्ट करने की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके साथ ही, गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस अवैध खेती के पीछे किसी बड़े तस्करी नेटवर्क या अन्य लोगों का हाथ है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इन पौधों की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जाने वाली थी और इस काम में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। यदि पूछताछ में कोई नए तथ्य सामने आते हैं, तो पुलिस आगे और भी गिरफ्तारियां कर सकती है।
आलीराजपुर पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 1 करोड़ रुपये मूल्य के गांजे के पौधों की जब्ती से तस्करों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार की अवैध खेती या मादक पदार्थों की तस्करी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। आलीराजपुर पुलिस भविष्य में भी ऐसे ही सघन अभियान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि जिले को नशे के कारोबार से मुक्त रखा जा सके। वर्तमान में मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

