Sun, 11 Oct 20261:23 PM
Sun, Oct 11, 2026Updated 1:23 PM IST
होम › पंजाब

लुधियाना में 11 महीने की मासूम से दरिंदगी: 35 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति ने सोती हुई बच्ची को बनाया हवस का शिकार, POCSO और BNS के तहत FIR दर्ज कर आरोपी गिरफ्तार

WhatsAppFacebookX

लुधियाना। पंजाब के लुधियाना जिले से एक बेहद दिल दहलाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक 35 वर्षीय शादीशुदा मजदूर ने मात्र 11 महीने की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित बच्ची उस समय गहरी नींद में सो रही थी, जब आरोपी ने इस जघन्य अपराध को किया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना लुधियाना शहर के क्षेत्र में घटित हुई है। आरोपी 35 वर्षीय व्यक्ति पेशे से एक मजदूर है और वह विवाहित बताया जा रहा है। उसने रात के समय या उस दौरान जब 11 महीने की मासूम बच्ची सो रही थी, उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। इतनी कम उम्र की बच्ची के साथ हुई इस दरिंदगी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों और समाज के विभिन्न वर्गों में इस घटना को लेकर भारी रोष व्याप्त है। किसी भी समाज में एक मासूम बच्ची के साथ इस तरह की क्रूरता को कतई सहन नहीं किया जा सकता और यह मानवीय संवेदनाओं पर एक गहरा प्रहार है।

घटना की जानकारी मिलते ही लुधियाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। चूंकि पीड़िता एक साल से भी कम उम्र की मासूम बच्ची है, इसलिए पॉक्सो एक्ट के तहत यह मामला अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है, जिसमें दोषी को कठोरतम सजा का प्रावधान है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 35 वर्षीय आरोपी मजदूर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा सके। सूत्रों के अनुसार, पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी पीड़ित बच्ची के परिवार का परिचित था या उसका कोई अन्य संबंध था, हालांकि इस बारे में अभी तक पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ की जा रही है, क्योंकि पीड़िता एक नाबालिग और मासूम बच्ची है।

इस तरह के जघन्य अपराधों में पीड़ित बच्ची की मेडिकल जांच सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होती है। पुलिस ने पीड़ित 11 महीने की बच्ची को तुरंत चिकित्सीय परीक्षण के लिए सरकारी अस्पताल भेजा है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा बच्ची की मेडिकल जांच की गई है। मेडिकल रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें पुलिस अपने सबूतों के तौर पर अदालत में पेश करेगी। चिकित्सकों ने बच्ची की स्थिति को देखते हुए आवश्यक उपचार भी शुरू कर दिया है। इतनी छोटी उम्र में इस तरह की हिंसा का शिकार होने से बच्ची के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ा है, इसकी विस्तृत चिकित्सीय रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

बता दें कि पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) भारत में बच्चों को यौन शोषण और अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया एक विशेष और सख्त कानून है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ किया गया यौन अपराध अत्यंत गंभीर माना जाता है। वहीं, जब पीड़ित की उम्र मात्र 11 महीने हो, तो यह अपराध और भी ज्यादा संगीन हो जाता है। पॉक्सो अदालतें ऐसे मामलों की सुनवाई तेजी से करती हैं ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और अपराधी को सख्त से सख्त सजा दी जा सके। इसके अलावा, हाल ही में लागू हुई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी दुष्कर्म और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।

लुधियाना में 11 महीने की बच्ची के साथ हुई इस घटना ने पूरे पंजाब और देश भर में लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है। लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया जाए और उसे अधिकतम सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसा जघन्य कृत्य करने से पहले सौ बार सोचे।

लुधियाना पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आस-पास बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति को बच्चों के पास फटकने न दें। यदि किसी को किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोपी के खिलाफ कानून के तहत पूरी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, दूसरी ओर पीड़ित बच्ची का परिवार इस घटना के बाद सदमे में है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई और जांच की प्रगति पर पूरे शहर की नजर टिकी हुई है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही पुलिस जांच या अदालती कार्यवाही में कोई नया तथ्य सामने आएगा, उसे विस्तार से प्रकाशित किया जाएगा।