दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस प्रवेश पर विवाद: CM भगवंत मान ने की कड़ी निंदा, कहा- सिख समुदाय BJP को माफ नहीं करेगा

चंडीगढ़/नई दिल्ली। वंदे भारत न्यूज। दिल्ली के ऐतिहासिक और अत्यंत पवित्र गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुरुघर की मर्यादा को ठेस पहुंचाई गई है और सिख समुदाय भाजपा को कभी माफ नहीं करेगा। यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और सिख संगतों में भारी रोष व्याप्त है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह कल दिल्ली के गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में भाजपा की पुलिस द्वारा जबरन प्रवेश किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। सीएम मान ने इस घटना को सिख धर्म की आस्था और गुरुद्वारों की पवित्रता पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि इतिहास गवाह है कि गुरु के घर के दरवाजे हमेशा जरूरतमंदों को शरण देने के लिए खुले रहते हैं। गुरुद्वारे हर समय, हर परिस्थिति में समाज के सभी वर्गों के लिए सेवा, शांति और शरण का केंद्र रहे हैं। ऐसे स्थान पर पुलिस का इस प्रकार से प्रवेश करना किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भाजपा की पुलिस द्वारा की गई है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत गुरुद्वारों की मर्यादा भंग करने का प्रयास बताया। सीएम मान ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि सिख समुदाय अपने गुरुघरों के अपमान को कभी सहन नहीं करेगा और वह भाजपा को इस कृत्य के लिए कभी माफ नहीं करेगा। उनके इस बयान से साफ होता है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह से सिख संगतों के साथ खड़ी है और वह इस मामले को राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर जोरदार तरीके से उठाने का मन बना चुकी है।
गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब दिल्ली के सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक सिख धर्मस्थलों में से एक है। यह गुरुद्वारा सिखों के आठवें गुरु, श्री गुरु हरकिशन साहिब जी की याद में समर्पित है। इस गुरुद्वारे का सरोवर अत्यंत पवित्र माना जाता है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां प्रतिदिन माथा टेकने और लंगर छकने आते हैं। गुरुद्वारा बंगला साहिब न केवल सिखों के लिए, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए आस्था और सेवा का प्रतीक रहा है। यही कारण है कि जब भी किसी गुरुद्वारे की मर्यादा का हनन होता है, तो उसका असर पूरे सिख समुदाय की भावनाओं पर पड़ता है।
इस विवाद के संदर्भ में मुख्यमंत्री मान ने जिस ‘जबरन प्रवेश’ का जिक्र किया है, उसे लेकर सिख संगतों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। सिख धर्म की परंपराओं और मर्यादाओं के अनुसार, गुरुद्वारा साहिब एक ऐसा स्थान है जहां हर व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के प्रवेश कर सकता है, लेकिन प्रशासनिक या पुलिस बल का गुरुद्वारे के अंदर बिना संगत और प्रबंधक समिति की अनुमति के प्रवेश करना अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इतिहास में कई बार ऐसे अवसर आए हैं जब गुरुद्वारों की मर्यादा को लेकर सिख समुदाय ने अपनी आवाज बुलंद की है। सीएम मान ने भी अपने बयान में इसी ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि गुरु के घर के दरवाजे हमेशा जरूरतमंदों के लिए खुले रहे हैं, न कि पुलिस बल के दबाव के लिए।
इस घटना के बाद दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पहले ही केंद्र और भाजपा पर सिख विरोधी होने के आरोप लगाती रही है। अब गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस प्रवेश के इस ताजा विवाद ने पंजाब की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है। विपक्षी दलों और सिख संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक भाजपा या दिल्ली पुलिस की ओर से सीएम भगवंत मान के इन विशिष्ट आरोपों पर कोई औपचारिक या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पुलिस का गुरुद्वारे में प्रवेश किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या आधिकारिक कारण था।
सिख समुदाय के धार्मिक मामलों के जानकारों का मानना है कि गुरुद्वारों का प्रबंधन और उनकी सुरक्षा गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों और संगत के जिम्मे होती है। बाहरी एजेंसियों का हस्तक्षेप अक्सर विवादों को जन्म देता है। सीएम मान के बयान ने इस बात को रेखांकित किया है कि राज्य सरकारें और राजनीतिक दल गुरुद्वारों की पवित्रता को लेकर कितने सजग हैं।
कुल मिलाकर, दिल्ली के गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश का यह मामला अब केवल एक प्रशासनिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा धार्मिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी निंदा और भाजपा को माफ न करने वाले बयान ने आने वाले दिनों में इस विवाद के और तूल पकड़ने के संकेत दे दिए हैं। सिख संगतें अब इस बात की मांग कर रही हैं कि गुरुघर की मर्यादा का सम्मान सुनिश्चित किया जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। वंदे भारत न्यूज इस मामले के हर पहलू पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही इस संबंध में कोई नई जानकारी या आधिकारिक बयान सामने आएगा, उसे प्रसारित किया जाएगा।

