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Mon, Oct 12, 2026Updated 6:07 PM IST
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न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर यमुनानगर के युवक से 5.30 लाख की ठगी, मोहाली की इमिग्रेशन कंसल्टेंसी से जुड़े 6 आरोपियों पर केस दर्ज

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यमुनानगर। विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी करने का एक और मामला सामने आया है। हरियाणा के यमुनानगर जिले में गांव भेड़थल निवासी एक युवक को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 5 लाख 30 हजार रुपये की चपत लगाई गई है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि मोहाली के सेक्टर-70 स्थित एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों ने उसे फर्जी वीजा दिखाया और डमी टिकट थमाकर पैसे ऐंठ लिए। जब युवक ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी का केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित युवक ने बताया कि वह विदेश जाकर अपना भविष्य संवारना चाहता था। इसी सिलसिले में उसकी मुलाकात मोहाली के सेक्टर-70 में चल रही एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों से हुई। आरोपियों ने युवक को न्यूजीलैंड भेजने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में उससे कुल 5 लाख 30 हजार रुपये वसूल लिए। युवक ने विदेश जाने की उम्मीद में यह बड़ी रकम आरोपियों को सौंप दी थी।

पीड़ित के अनुसार, पैसे लेने के बाद कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों ने उसे एक वीजा उपलब्ध कराया। हालांकि, बाद में पता चला कि दिया गया वीजा पूरी तरह से फर्जी था। इसके अलावा आरोपियों ने यात्रा के लिए जो टिकट युवक को दी थी, वह भी डमी (नकली) निकली। जब युवक को इस बात का अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उसने आरोपियों से संपर्क किया और अपनी मेहनत की कमाई के 5 लाख 30 हजार रुपये वापस करने की मांग की। लेकिन आरोपियों ने न केवल पैसे लौटाने से मना कर दिया, बल्कि युवक को खाली हाथ लौटा दिया।

इसके बाद परेशान होकर पीड़ित युवक ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि मोहाली की इस इमिग्रेशन कंसल्टेंसी से जुड़े छह लोगों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत उसके साथ ठगी की है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। खासकर नौजवानों को कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके और न्यूजीलैंड जैसे देशों में बेहतर नौकरी और स्थायी निवास (पीआर) का सपना दिखाकर उनसे भारी रकम वसूली जाती है। कई बार ऐसे गिरोह फर्जी कंसल्टेंसी खोलकर बैठते हैं और सीधे-सादे युवकों को अपना शिकार बनाते हैं। यमुनानगर का यह ताजा मामला भी इसी प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहां एक ग्रामीण युवक को फर्जी वीजा और डमी टिकट के जरिए लाखों रुपये का चूना लगाया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मोहाली के सेक्टर-70 स्थित बताई गई इमिग्रेशन कंसल्टेंसी की पहचान करने और वहां काम करने वाले सभी छह आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस टीम इस बात की भी जांच करेगी कि क्या इन आरोपियों ने पहले भी अन्य युवकों के साथ इसी तरह की ठगी की है। फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और उनकी तलाश जारी है।

इमिग्रेशन विशेषज्ञ और पुलिस अधिकारी समय-समय पर लोगों से अपील करते हैं कि वे विदेश जाने के लिए किसी भी एजेंट या कंसल्टेंसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और पंजीकृत इमिग्रेशन एजेंटों से ही संपर्क करना चाहिए। किसी भी कंसल्टेंसी को पैसे देने से पहले उनके पंजीकरण नंबर, कार्यालय के दस्तावेज और पिछले ट्रैक रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। इसके अलावा, वीजा और टिकट की प्रामाणिकता की पुष्टि हमेशा संबंधित देश की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या एयरलाइन के पोर्टल से स्वयं करनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति या एजेंसी बिना उचित प्रक्रिया के जल्दी वीजा दिलाने का दावा करती है, तो यह ठगी का संकेत हो सकता है।

यमुनानगर के गांव भेड़थल के इस युवक के साथ हुई ठगी की घटना ने एक बार फिर इमिग्रेशन के क्षेत्र में सक्रिय फर्जी एजेंटों के जाल को उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले सभी छह आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में अन्य युवकों को इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सके। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।