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Sun, Oct 11, 2026Updated 2:04 PM IST
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रामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एमजीएमएससी खनेरी के पास दो युवक 18.07 ग्राम चिट्टे सहित गिरफ्तार, एक आरोपी संगरूर का निवासी

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार तेज है। इसी कड़ी में रामपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए दो युवकों को 18.07 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 10 अक्टूबर की रात को उस समय की गई, जब पुलिस की टीम नियमित गश्त पर थी। दोनों आरोपियों को एमजीएमएससी खनेरी के समीप से दबोचा गया। पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आरोपी पंजाब के संगरूर जिले का रहने वाला बताया जा रहा है, जो इस मामले में अंतरराज्यीय ड्रग्स लिंक की ओर संकेत करता है।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे रामपुर थाने की पुलिस टीम एमजीएमएससी खनेरी के आसपास के क्षेत्र में अपनी नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिसकर्मी की नजर दो संदिग्ध युवकों पर पड़ी, जो वहां मौजूद थे और उनका व्यवहार संदेहास्पद प्रतीत हो रहा था। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों युवकों को रोका और उनकी पहचान पूछने के बाद उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को इन युवकों के पास से 18.07 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। नशीला पदार्थ मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में एक खास बात यह सामने आई है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों में से एक युवक पड़ोसी राज्य पंजाब के संगरूर जिले का निवासी है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच नशीले पदार्थों की तस्करी का मामला पहले भी कई बार सामने आ चुका है। संगरूर के युवक की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि नशा तस्करों का नेटवर्क केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह चिट्टा कहां से लाया गया था और इसे किसे बेचा जाना था।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में चिट्टे (हेरोइन) की तस्करी और इसके सेवन का चलन काफी बढ़ा है, जिससे विशेषकर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चिट्टा एक अत्यंत घातक और नशीला पदार्थ है, जो शरीर और मस्तिष्क को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। इसकी लत इतनी तेजी से लगती है कि व्यक्ति कुछ ही समय में पूरी तरह से इसका गुलाम बन जाता है। ऐसे में 18.07 ग्राम चिट्टे की बरामदगी को एक बड़ी मात्रा माना जा रहा है, क्योंकि इस छोटी सी मात्रा से भी दर्जनों युवाओं की जिंदगी तबाह हो सकती थी। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े नुकसान को होने से पहले ही रोक दिया है।

नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत चिट्टे या हेरोइन जैसे वाणिज्यिक नशीले पदार्थों की तस्करी करना एक अत्यंत गंभीर अपराध है। इस कानून के प्रावधानों के अनुसार, कम मात्रा में भी नशीले पदार्थ पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है, जबकि वाणिज्यिक मात्रा में पकड़े जाने पर आरोपियों को 10 साल से लेकर 20 साल तक की कठोर कारावास की सजा हो सकती है, साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया जाता है। रामपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि क्या इन आरोपियों का किसी बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से कोई संबंध है। पुलिस टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस तस्करी के पीछे काम करने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके। यदि पूछताछ में कोई और नाम या सुराग सामने आते हैं, तो पुलिस उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेगी। शिमला जिले के पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

रामपुर पुलिस की टीम की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। नियमित गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की सूझबूझ ने इस अवैध कारोबार को विफल कर दिया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की भनक लगे, तो वे तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। समाज को नशे के कलंक से मुक्त करने के लिए पुलिस और जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।