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Sun, Oct 11, 2026Updated 4:59 PM IST
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़वानी दौरा: संगठन की बैठक में वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विधायकों को दी अहंकार से दूर रहने की सीख, पुराने दौर की भाजपा याद दिलाई

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बड़वानी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने पार्टी की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विधायकों को संबोधित करते हुए उन्हें अहंकार से दूर रहने और पार्टी के मूल्यों को बनाए रखने की कड़ी सीख दी। खंडेलवाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज कोई व्यक्ति अध्यक्ष, मंत्री या विधायक के पद पर आसीन है, लेकिन यह पद हमेशा उसके पास नहीं रहेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से विनम्रता बनाए रखने की अपील की।

बड़वानी में आयोजित इस संगठनात्मक बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया जो लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी लोगों को याद दिलाया कि सत्ता और पद अस्थायी होते हैं, जबकि संगठन और जनता के साथ का रिश्ता स्थायी होना चाहिए। खंडेलवाल ने कहा कि अहंकार किसी भी नेता और कार्यकर्ता के लिए सबसे बड़ा नुकसानदेह होता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अहंकार में मत रहो, क्योंकि कल यह पद नहीं रहेगा। उनका यह संदेश विशेष रूप से उन नेताओं के लिए था जिन्हें वर्तमान में पार्टी या सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हुई हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पद का उपयोग जनसेवा और संगठन को मजबूत करने के लिए होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत प्रदर्शन या अहंकार के लिए।

अपने संबोधन के दौरान हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा के पुराने दौर की याद भी दिलाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार पार्टी के शुरुआती दिनों में कार्यकर्ता बिना किसी पद या प्रतिष्ठा की चाहत के, केवल वैचारिक निष्ठा और समर्पण के साथ जमीनी स्तर पर काम करते थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में भाजपा के कार्यकर्ताओं के पास न तो सरकारी सुविधाएं थीं और न ही सत्ता का कोई मोह था, लेकिन उनके पास अनुशासन, त्याग और संगठन के प्रति गहरी निष्ठा थी। खंडेलवाल ने वर्तमान नेताओं से अपील की कि वे उसी पुराने दौर की भावना और समर्पण को अपने भीतर पुनर्जीवित करें। उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता और उसकी विचारधारा है, न कि कुर्सियां या पद। पुराने दौर की भाजपा का जिक्र करते हुए उन्होंने नई पीढ़ी के नेताओं को यह समझाने का प्रयास किया कि पार्टी यहां तक कैसे पहुंची है और इसके पीछे किन-किन लोगों का संघर्ष रहा है।

बड़वानी की इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष ने मंत्रियों और विधायकों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में आम जनता के बीच नियमित रूप से जाएं और उनकी समस्याओं को सुनें। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता पद पर होता है, तो उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि वह जनता के वोटों से चुनकर आया है। खंडेलवाल ने कहा कि अगर नेता जनता से कट गया और केवल अपने पद के इर्द-गिर्द घूमने लगा, तो आने वाले समय में संगठन को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से भी अनुरोध किया कि वे युवा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करें और उन्हें पार्टी की रीति-नीति और अनुशासन से अवगत कराएं।

यह दौरा और बैठक ऐसे समय में हुई है जब भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर पार्टी की बैठकें कर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अनुशासन का पाठ भी पढ़ा रहे हैं। बड़वानी में दिए गए उनके इस बयान से यह स्पष्ट संदेश गया है कि पार्टी हाईकमान किसी भी प्रकार के अहंकार या गुटबाजी को बर्दाश्त नहीं करेगा।

बैठक में मौजूद पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष के संबोधन को ध्यान से सुना। खंडेलवाल ने बैठक के अंत में यह भी कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की जीत की गारंटी होती है। उन्होंने सभी से एकजुटता बनाए रखने और आपसी मतभेदों को भूलकर पार्टी के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। बड़वानी के इस कार्यक्रम ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया है और प्रदेश नेतृत्व का यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी में विनम्रता और अनुशासन सर्वोपरि है।