जशपुर: कुनकुरी शहर में घुसा लोनर हाथी, अस्पताल का बाउंड्रीवाल तोड़ा और चर्च परिसर में दिखा, लोगों में दहशत

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी शहर में रविवार सुबह उस समय भारी दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब जंगल से भटककर आया एक लोनर हाथी शहर की सीमा में प्रवेश कर गया। यह नर हाथी अपने झुंड से अलग होकर घूम रहा था और सीधे शहरी इलाके में दाखिल हो गया। हाथी ने शहर के प्रमुख धार्मिक और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचकर वहां मौजूद लोगों को खौफजदा कर दिया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह जब शहर के लोग अपने दैनिक कार्यों में जुट रहे थे, तभी जंगल से निकला यह विशालकाय हाथी कुनकुरी शहर की सड़कों पर दिखने लगा। लोनर हाथी यानी वह नर हाथी जो अपने मूल झुंड से अलग होकर अकेला विचरण करता है, आमतौर पर अधिक आक्रामक और अप्रत्याशित माना जाता है। इसी कारण से उसके शहरी क्षेत्र में प्रवेश करते ही स्थानीय निवासियों में भगदड़ मच गई। लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू कर दिया।
हाथी शहर में घूमते हुए सबसे पहले होली क्रॉस अस्पताल परिसर की ओर बढ़ गया। अस्पताल एक ऐसा स्थान है जहां हर समय मरीजों, तीमारदारों और चिकित्सा कर्मचारियों का आना-जाना लगा रहता है। हाथी ने अस्पताल परिसर में प्रवेश करने के दौरान वहां की बाउंड्रीवाल को क्षतिग्रस्त कर दिया। भारी-भरकम शरीर वाले इस हाथी के सामने ईंटों से बनी दीवार टिक नहीं सकी और वह टूट गई। अस्पताल परिसर में हाथी की उपस्थिति से वहां मौजूद मरीजों और स्टाफ में अत्यधिक घबराहट फैल गई। स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील स्थल पर जंगली जानवर का पहुंचना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
अस्पताल परिसर से होते हुए यह लोनर हाथी कुनकुरी शहर के महागिरजा घर (चर्च) तक भी पहुंच गया। चर्च परिसर में हाथी के दिखने से वहां मौजूद लोगों में भी दहशत व्याप्त हो गई। रविवार का दिन होने के कारण चर्च में प्रार्थना सभाओं और अन्य गतिविधियों के लिए लोगों की उपस्थिति रहती है, ऐसे में हाथी का वहां आ जाना किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को बढ़ाने वाला था। लेकिन सौभाग्य से हाथी ने चर्च परिसर में किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया।
कुनकुरी शहर में हाथी के प्रवेश की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमों को तत्काल सतर्क कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और हाथी को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयासों में जुट गए। शहर में हाथी के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग और जशपुर जिले में हाथियों का जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों में आना एक जानी-पहचानी समस्या बन चुकी है। जशपुर जिला घने जंगलों से घिरा हुआ है और यहां हाथियों के कॉरिडोर मौजूद हैं। कई बार भोजन और पानी की तलाश में या फिर झुंड से बिछड़कर ये लोनर हाथी गांवों और शहरों की तरफ रुख कर लेते हैं। विशेष रूप से लोनर हाथियों का व्यवहार झुंड में रहने वाले हाथियों की तुलना में अधिक अस्थिर होता है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
इस घटना के बाद कुनकुरी शहर के निवासियों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि वे हाथियों के शहरी क्षेत्रों में प्रवेश को रोकने के लिए ठोस और स्थायी उपाय करें। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, प्रशासन द्वारा लोगों को सतर्क रहने और हाथी के करीब जाने से बचने की हिदायत दी जा रही है।
रविवार सुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मानव बस्तियों और वन्यजीवों के बीच बढ़ता टकराव एक गंभीर मुद्दा है। होली क्रॉस अस्पताल की टूटी बाउंड्रीवाल और महागिरजा घर परिसर में हाथी की दस्तक ने कुनकुरी के लोगों को सहमा दिया है। वन विभाग की टीमें हाथी की निगरानी कर रही हैं और उसे सुरक्षित रूप से वापस उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल की ओर लौटाने की कवायद जारी है। प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति की जान को कोई नुकसान नहीं हुआ है और स्थिति नियंत्रण में है।

