शेखपुरा में वोट चोरी के आरोपों को लेकर CEC के खिलाफ पोस्टर प्रदर्शन, दिल्ली आंदोलन का समर्थन करते हुए 13 अक्टूबर को राजभवन मार्च का आह्वान

शेखपुरा। बिहार के शेखपुरा जिले में रविवार को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया था। दिल्ली में यह आंदोलन मुख्य रूप से वोट चोरी के लगाए जा रहे गंभीर आरोपों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर चल रहा है। शेखपुरा में हुए इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा माले (CPI-ML), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रेवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से किया।
रविवार को शेखपुरा के प्रमुख स्थान दल्लू चौक पर इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर पोस्टर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में ऐसे पोस्टर और बैनर उठा रखे थे, जिन पर केंद्र सरकार और भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भी तीखे नारे लगाए और उनसे वोट चोरी के आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। दल्लू चौक पर आयोजित इस पोस्टर प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर बहस को फिर से तेज कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर टिकी होती है। यदि वोट चोरी जैसे गंभीर आरोप लगते हैं और उन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है। उन्होंने उपस्थित लोगों और आम नागरिकों से लोकतंत्र और भारतीय संविधान की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर बैठे आंदोलनकारियों के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और उनके द्वारा उठाई गई मांगों का पूर्ण समर्थन करते हैं।
भाकपा माले, आइसा और RYA के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर आगामी रणनीति की भी घोषणा की। प्रदर्शन के दौरान बताया गया कि इस आंदोलन को और अधिक व्यापक स्वरूप देने तथा राज्य स्तर पर अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए 13 अक्टूबर को राजभवन मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च का आह्वान राज्य भर के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए किया गया है। संगठनों की ओर से कहा गया है कि 13 अक्टूबर को होने वाले इस राजभवन मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे ताकि राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग तक उनकी बात पहुंचाई जा सके।
ज्ञात हो कि दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर पिछले कुछ समय से वोट चोरी के आरोपों को लेकर आंदोलन जारी है। इस आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और छात्र-युवा संगठनों के लोग शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग को वोटर लिस्ट में हुई अनियमितताओं, मतदान प्रक्रिया में खामियों और ईवीएम से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। दिल्ली में चल रहे इस राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन की प्रतिध्वनि अब बिहार के जिलों में भी सुनाई देने लगी है। शेखपुरा का रविवार का प्रदर्शन इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसमें स्थानीय संगठनों ने दिल्ली के आंदोलनकारियों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है।
दल्लू चौक पर आयोजित इस पोस्टर प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने संविधान के उन प्रावधानों का भी हवाला दिया जो नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का अधिकार देते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता नहीं आती और वोट चोरी के आरोपों की स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। आइसा और RYA के युवा कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे अपने मताधिकार की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरें और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अपनी भूमिका निभाएं।
शेखपुरा में रविवार को हुए इस पोस्टर प्रदर्शन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके समर्थन में बिहार जैसे राज्यों के छोटे शहरों और जिलों में भी लोग मुखर हो रहे हैं। भाकपा माले, आइसा और RYA द्वारा 13 अक्टूबर को राजभवन मार्च के आह्वान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उस दिन कितनी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरते हैं और राज्य प्रशासन इस मांग पत्र पर क्या रुख अपनाता है। फिलहाल, शेखपुरा का दल्लू चौक रविवार को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के नारों से गूंजता रहा और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

