दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक ब्लास्ट, यात्री के सामान में लगी आग; हैदराबाद में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

नई दिल्ली/हैदराबाद। वंदे भारत न्यूज़। दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक यात्री के लगेज में रखा पावर बैंक अचानक ब्लास्ट हो गया। इस विस्फोट के कारण यात्री के सामान में आग लग गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विमान की हैदराबाद में आपातकालीन लैंडिंग (इमरजेंसी लैंडिंग) कराई गई। यह पूरी घटना सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडिगो की यह फ्लाइट दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान ही एक यात्री के हैंडबैगेज या कैबिन में रखे गए सामान में अचानक ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी। जांच करने पर पता चला कि यात्री द्वारा अपने साथ ले जाया जा रहा एक पावर बैंक फट गया है। पावर बैंक में हुए इस विस्फोट के तुरंत बाद यात्री के सामान ने आग पकड़ ली। विमान के भीतर धुआं भरने लगा, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, विमान में मौजूद क्रू मेंबर्स ने बिना देरी किए स्थिति को संभाला और आग बुझाने की प्रक्रिया शुरू की।
विमान के भीतर आग और धुएं की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पायलट ने तत्काल आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क करके निकटतम उपयुक्त हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति मांगी गई। इसके बाद फ्लाइट को उसके निर्धारित गंतव्य चेन्नई के बजाय हैदराबाद की ओर मोड़ दिया गया। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद दमकल कर्मियों और सुरक्षा टीमों ने विमान की जांच की और स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लिया।
विमानन सुरक्षा नियमों के तहत लिथियम-आयन बैटरी वाले उपकरणों, विशेषकर पावर बैंक को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश होते हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और अंतरराष्ट्रीय विमानन नियामकों के नियमों के अनुसार, पावर बैंक को हमेशा यात्रियों के कैबिन बैगेज (हैंडबैग) में ही रखना अनिवार्य होता है। इसे चेक-इन बैगेज (कार्गो होल्ड में जाने वाले सामान) में रखने पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि अगर कार्गो होल्ड में किसी लिथियम बैटरी में शॉर्ट सर्किट या आग लगती है, तो उसे समय रहते पहचानना और बुझाना लगभग असंभव होता है, जो पूरे विमान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा, एक निश्चित वॉट-ऑवर (Wh) क्षमता से अधिक के पावर बैंक को विमान में ले जाने की अनुमति नहीं होती है।
हालांकि, इस घटना में पावर बैंक यात्री के कैबिन बैगेज में ही था, लेकिन फिर भी उसमें विस्फोट हो गया। लिथियम-आयन बैटरियों में ‘थर्मल रनअवे’ नामक प्रक्रिया के कारण आग लगने या ब्लास्ट होने का खतरा रहता है। यह तब होता है जब बैटरी के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे वह खुद को ठंडा करने में असमर्थ हो जाती है और अंततः विस्फोट हो जाता है। खराब गुणवत्ता वाले, डैमेज या पुराने पावर बैंक में ऐसे हादसों की संभावना अधिक होती है।
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला गया। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। हालांकि, जिस यात्री का सामान था, उसका लगेज आग में जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हैदराबाद एयरपोर्ट पर उतरने के बाद चेन्नई जा रहे यात्रियों को खासी असुविधा का सामना करना पड़ा। इंडिगो एयरलाइंस द्वारा यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी अभी विस्तार से सामने नहीं आई है, लेकिन ऐसी स्थितियों में एयरलाइंस या तो दूसरे विमान से यात्रियों को भेजती हैं या उन्हें होटल में ठहराकर अगली उपलब्ध फ्लाइट में सीट देती हैं।
यह पहला मामला नहीं है जब किसी फ्लाइट में पावर बैंक या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की बैटरी में आग लगने की घटना हुई हो। पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में और भारत में भी कई ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें स्मार्टफोन, लैपटॉप या पावर बैंक की बैटरी फटने से विमान में आग लगने की नौबत आ गई। इन घटनाओं को देखते हुए विमानन कंपनियां यात्रियों से बार-बार अपील करती हैं कि वे केवल प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाले पावर बैंक का ही उपयोग करें और उड़ान के दौरान उन्हें चार्जिंग पर न लगाएं।
इस घटना के बाद एक बार फिर विमानन सुरक्षा और यात्रियों द्वारा ले जाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने की संभावना है। एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों (सीआईएसएफ) द्वारा सिक्योरिटी चेक के दौरान पावर बैंक की क्षमता और स्थिति की जांच की जाती है, लेकिन हर बार खराब बैटरी को पहचानना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से इस विशिष्ट घटना पर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि पावर बैंक किस कंपनी का था या उसकी क्षमता क्या थी। मामले की जांच की जा रही है। वंदे भारत न्यूज़ इस खबर को अपडेट करेगा जैसे ही एयरलाइंस या विमानन नियामक डीजीसीए की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी या बयान सामने आएगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान भरने से पहले अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और पावर बैंक की स्थिति की अच्छी तरह जांच कर लें।

