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Mon, Oct 12, 2026Updated 10:44 AM IST
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रतलाम: थाने में दो बहनों पर डीजल डालने के दौरान वीडियो बनाकर आत्मदाह के लिए उकसाने का आरोप, BJP पिछड़ा मोर्चा जिला महामंत्री चेतन टांक पर मामला दर्ज

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मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री चेतन टांक के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) और घटना का वीडियो बनाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह पूरा मामला रतलाम के एक स्थानीय थाने के अंदर उस समय का बताया जा रहा है, जब दो बहनों ने किसी मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की नीयत से अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया था। आरोप है कि इस घटनाक्रम के दौरान मौजूद भाजपा नेता चेतन टांक न केवल इसका वीडियो बना रहा था, बल्कि दोनों महिलाओं को माचिस निकालकर खुद को जला लेने के लिए भड़का भी रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रतलाम के एक पुलिस थाने में हुई। दो बहनें किसी विवाद या शिकायत को लेकर थाने पहुंची थीं। पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से दोनों बहनों ने अपने साथ लाया गया डीजल अपने ऊपर डाल लिया। थाने के अंदर इस तरह की घटना से हड़कंप मच गया। हालांकि, इस पूरी घटना के दौरान भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री बताए जा रहे चेतन टांक भी वहीं मौजूद थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने महिलाओं को रोकने या शांत कराने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस घटना का वीडियो रिकॉर्डिंग करना शुरू कर दिया।

आरोपों के मुताबिक, वीडियो बनाते समय चेतन टांक द्वारा दोनों बहनों को लगातार उकसाया जा रहा था। वीडियो में कथित तौर पर उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘माचिस निकाल… जला ले।’ किसी जिम्मेदार राजनीतिक पदाधिकारी द्वारा थाने जैसे संवेदनशील स्थान पर दो महिलाओं को आत्मदाह के लिए इस प्रकार भड़काने की बात सामने आने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा है, बल्कि एक मानवीय और नैतिक संकट का भी प्रतीक है, जिसमें एक नेता पर पीड़िताओं की जान जोखिम में डालने के लिए प्रेरित करने का संगीन आरोप लगा है।

वीडियो सामने आने और घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की है। रतलाम पुलिस ने भाजपा नेता चेतन टांक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उस पर मुख्य रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने और थाने में शांति भंग करने तथा महिलाओं को खतरे में डालने वाले कृत्य से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है और वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है ताकि यह पुष्टि हो सके कि वीडियो में सुनाई दे रही आवाज और घटनाक्रम असली है।

यह मामला इसलिए भी अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि घटना सीधे तौर पर एक पुलिस थाने के परिसर में घटी है। थाने को सुरक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन वहां मौजूद लोगों द्वारा ही पीड़ितों को आत्महत्या के लिए उकसाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि आखिरकार थाने के अंदर डीजल कैसे पहुंचा और घटना के वक्त मौजूद पुलिसकर्मियों ने इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए। दोनों बहनों को सुरक्षित बचा लिया गया था या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी विस्तार से सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो के आधार पर जो प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह चेतन टांक की भूमिका को सीधे तौर पर कठघरे में खड़ा करती है।

भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री जैसे पद पर बैठे व्यक्ति पर ऐसे गंभीर आपराधिक आरोप लगने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या चेतन टांक के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। यह देखना होगा कि पुलिस जांच के आगे बढ़ने और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद पार्टी इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है।

रतलाम पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह मामला रतलाम सहित पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद आम जनता और विभिन्न संगठनों द्वारा आरोपी नेता के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।