Mon, 12 Oct 20269:48 AM
Mon, Oct 12, 2026Updated 9:48 AM IST
होम › छत्तीसगढ़

बेमेतरा में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा: 16 किलो से अधिक गांजे के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, कार और नकदी सहित 7.68 लाख रुपये का माल जब्त

WhatsAppFacebookX

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के साइबर सेल और बेरला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर गांजा तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 16 किलो 180 ग्राम गांजा, एक कार, 13 हजार रुपये नकद और तीन टचस्क्रीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामान की कुल अनुमानित कीमत 7 लाख 68 हजार रुपये बताई जा रही है। यह जानकारी बेरला पुलिस द्वारा दी गई है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, आरोपी पिथौरा क्षेत्र से गांजे की यह बड़ी खेप लेकर आ रहे थे। पुलिस को मुखबिर या तकनीकी निगरानी के जरिए इस अवैध तस्करी की भनक लगी थी, जिसके बाद साइबर सेल और बेरला थाना पुलिस ने मिलकर रणनीति तैयार की। साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपियों की लोकेशन और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके बाद बेरला पुलिस ने समय रहते दबिश देकर तीनों आरोपियों को गांजे की खेप के साथ धर दबोचा। हालांकि, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के नाम, उनकी उम्र और उनके निवास स्थान की विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये आरोपी इस गांजे की खेप को किस स्थान पर और किसे सौंपने वाले थे।

बेमेतरा जिले में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी एक गंभीर समस्या रही है। नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में साइबर सेल और स्थानीय थाना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि तकनीकी जानकारी और मैदानी कार्यवाही का सटीक उपयोग कर अपराधियों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। बेरला पुलिस की यह कार्रवाई इसी संयुक्त प्रयास का परिणाम मानी जा रही है। साइबर सेल की भूमिका इस मामले में इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि तस्कर अक्सर संचार के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं और ऐसे में उनकी डिजिटल निगरानी करना आवश्यक होता है।

आरोपियों के कब्जे से जब्त किए गए 16 किलो 180 ग्राम गांजे की कीमत अवैध बाजार में काफी अधिक होती है। इसके अलावा, तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही कार, 13 हजार रुपये नकद और तीन टचस्क्रीन मोबाइल फोन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। जब्त किए गए सभी सामानों की कुल कीमत 7 लाख 68 हजार रुपये आंकी गई है। जब्त किए गए मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी, ताकि इस तस्करी के पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरजिला तस्करी गिरोह से है।

उल्लेखनीय है कि पिथौरा क्षेत्र से गांजे की खेप लाए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुराग है। छत्तीसगढ़ के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों से गांजे की तस्करी होने की सूचनाएं समय-समय पर मिलती रही हैं। ऐसे में पुलिस अब पिथौरा और उसके आसपास के इलाकों में भी अपनी निगरानी बढ़ा सकती है, जहां से यह खेप लाई जा रही थी। इस कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मना हुआ है और पुलिस प्रशासन की सक्रियता का स्पष्ट संदेश गया है।

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंसेस) अधिनियम के तहत सख्त प्रावधान हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ इसी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। बेरला थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को जिले में नशा मुक्ति अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

बेमेतरा पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों की अवैध बिक्री या तस्करी की कोई सूचना मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि समाज से नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस और जनता के बीच आपसी सहयोग और तालमेल का होना अत्यंत आवश्यक है। वंदे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट में प्रकाशित सभी तथ्य पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं।