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Mon, Oct 12, 2026Updated 11:42 AM IST
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मध्य प्रदेश में 20 अक्टूबर से बढ़ेगी रात की ठंड, इंदौर में पारा गिरकर रिकॉर्ड 15.8 डिग्री पर पहुंचा; ग्वालियर-नर्मदापुरम में दिन का तापमान ऊंचा

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और सर्दियों की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जाने लगी है। राज्य के कई हिस्सों में रात का तापमान लगातार नीचे जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पर असर दिखना शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आगामी 20 अक्टूबर से प्रदेश में रात के समय ठंड में और अधिक वृद्धि होगी। इस बदलाव से पहले ही सोमवार को इंदौर में न्यूनतम तापमान गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो इस मौसम का एक रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर ग्वालियर और नर्मदापुरम जैसे शहरों में दिन के समय गर्मी बरकरार रही और तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया।

मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब धीरे-धीरे ठंड का प्रभाव बढ़ने वाला है। विभाग के पूर्वानुमान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 20 अक्टूबर के बाद से रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल सकती है। यह बदलाव पूरे प्रदेश में महसूस किया जाएगा, हालांकि इसके तीव्रता में क्षेत्रीय अंतर रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से उत्तरी हवाओं का रुख बदलने और आसमान साफ रहने के कारण रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। इस स्थिति को देखते हुए लोगों को सुबह और शाम के समय हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

इंदौर में बीती रात मौसम ने करवट ली और शहर का न्यूनतम तापमान गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, यह इस सीजन में रात के पारे का सबसे निचला स्तर है। इंदौर में पिछले कुछ दिनों से तापमान में गिरावट का रुख देखा जा रहा था, लेकिन 15.8 डिग्री तक पहुंचना एक महत्वपूर्ण संकेत है कि सर्दियां अपने निर्धारित समय से पहले ही अपना असर दिखाने लगी हैं। रात के समय ठंडी हवाएं चलने से शहर के निवासियों को एसी और कूलर बंद करने पड़े हैं और कई घरों में हल्की चादरों का इस्तेमाल शुरू हो गया है। बाजारों में भी गर्म कपड़ों और ब्लैंकेट की मांग में धीरे-धीरे इजाफा होने की खबरें हैं।

हालांकि, पूरे प्रदेश में एक समान मौसम नहीं है। जहां इंदौर सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान तेजी से गिर रहा है, वहीं ग्वालियर और नर्मदापुरम में दिन के समय अभी भी गर्मी का अहसास बना हुआ है। ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे दोपहर के समय लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। इसी तरह नर्मदापुरम में भी दिन के तापमान में कोई खास गिरावट नहीं आई है और वहां धूप तीखी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर (डायूर्नल वेरिएशन) देखा जा रहा है, जो इस मौसम की एक सामान्य विशेषता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर के मध्य में मानसून की पूरी तरह वापसी हो जाने और आसमान में बादलों की अनुपस्थिति के कारण रात का तापमान तेजी से गिरता है। बादल रात में जमीन से निकलने वाली गर्मी को रोकने का काम करते हैं, लेकिन जब आसमान साफ होता है तो यह गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में चली जाती है, जिससे रात का तापमान कम हो जाता है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में आसमान मुख्य रूप से साफ है, जिसका सीधा असर रात के तापमान पर पड़ रहा है। यही कारण है कि इंदौर जैसे शहरों में पारा 16 डिग्री से नीचे आ गया है।

मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए सतर्कता बरतने की बात कही है। 20 अक्टूबर के बाद ठंड बढ़ने के अनुमान को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है। विशेषकर उन फसलों के लिए जिन्हें शुरुआती ठंड से नुकसान पहुंच सकता है, उचित प्रबंधन की जरूरत है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव से बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए उन्हें सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में मौसम का यह मिजाज स्पष्ट संकेत दे रहा है कि राज्य में सर्दियों का आगाज हो चुका है। इंदौर में 15.8 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान और मौसम विभाग का 20 अक्टूबर से ठंड बढ़ने का अनुमान, दोनों ही इस बात की पुष्टि करते हैं कि आने वाले दिनों में प्रदेश के लोगों को ठंड से बचाव की तैयारियां कर लेनी चाहिए। हालांकि, ग्वालियर और नर्मदापुरम जैसे इलाकों में दिन की गर्मी अभी कुछ और दिनों तक बनी रह सकती है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट का रुख पूरे प्रदेश में धीरे-धीरे स्थापित हो रहा है। मौसम विभाग लगातार तापमान और मौसम के पैटर्न पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नई जानकारी जारी कर रहा है।