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Mon, Oct 12, 2026Updated 9:53 AM IST
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बगहा में कलश यात्रा के दौरान करंट लगने से दो बच्चों की मौत, एसडीएम चांदनी कुमारी ने परिजनों को दी चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि

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पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां आयोजित एक धार्मिक कलश यात्रा के दौरान अचानक बिजली का करंट लगने से दो बच्चों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की। बगहा की उप-समाहर्ता (एसडीएम) चांदनी कुमारी ने 11 अक्टूबर 2026 को मृतक बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। यह पूरी घटना बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल क्षेत्र से जुड़ी हुई है, जहां धार्मिक आयोजन के बीच अचानक यह अनहोनी हो गई।

जानकारी के अनुसार, बगहा अनुमंडल क्षेत्र में एक धार्मिक कलश यात्रा का आयोजन किया गया था। इस यात्रा में स्थानीय लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल थे। कलश यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक बिजली के तार के संपर्क में आने से करंट लगने की यह घटना घट गई। हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। करंट लगने की वजह से यात्रा में शामिल अन्य लोग भी सकते में आ गए। देखते ही देखते वहां चीख-पुकार मच गई और पूरा माहौल गमगीन हो गया। धार्मिक आयोजन की खुशी पलक झपकते ही मातम में बदल गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मृतक बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के लिए भेजा गया। वहीं, प्रशासन ने बिना किसी देरी के पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता मुहैया कराने की प्रक्रिया तेज कर दी। बगहा की एसडीएम चांदनी कुमारी ने स्वयं इस मामले की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद मिल सके।

प्रशासनिक तत्परता का परिणाम रहा कि 11 अक्टूबर 2026 को एसडीएम चांदनी कुमारी ने दोनों मृतक बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। यह राशि सरकारी नियमों और आपदा राहत कोष के प्रावधानों के तहत दी गई है। एसडीएम ने परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें हर संभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से की गई इस तुरंत कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है, हालांकि बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

बिहार में धार्मिक यात्राओं और जुलूसों के दौरान बिजली के तारों से होने वाले हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है। अक्सर त्योहारों या धार्मिक आयोजनों के समय निकाली जाने वाली यात्राओं में ऊंचे झंडे, बांस या अन्य सामग्री ले जाई जाती है, जो कई बार बिजली के तारों के संपर्क में आ जाती है। ऐसे में यदि तार नीचे लटक रहे हों या उनमें इंसुलेशन की कमी हो, तो करंट लगने का खतरा बना रहता है। बगहा की यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान खींचती है कि धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है।

स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश और दुख देखा जा रहा है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि वह अपने तारों की नियमित जांच करे और जर्जर या नीचे लटकते तारों को ठीक कराए, ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाएं न हों। लोगों का कहना है कि कलश यात्रा जैसे धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भीड़ होती है, इसलिए प्रशासन और बिजली विभाग को पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।

बगहा अनुमंडल प्रशासन ने इस घटना के बाद संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम चांदनी कुमारी द्वारा 11 अक्टूबर 2026 को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि वितरित किए जाने से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके घरों में छाया सन्नाटा और बच्चों की कमी को कोई भी मुआवजा पूरा नहीं कर सकता। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। फिलहाल, पूरा बगहा अनुमंडल इस दर्दनाक हादसे से सदमे में है और मृतक बच्चों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।