Mon, 12 Oct 20269:48 AM
Mon, Oct 12, 2026Updated 9:48 AM IST
होम › बिहार

सहरसा: नवहट्टा के चौतारा गांव में भीषण आगलगी, दो दर्जन परिवारों के घर और लाखों की संपत्ति जलकर राख

WhatsAppFacebookX

वंदे भारत न्यूज़, सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में रविवार को एक बड़ी आगलगी की घटना सामने आई है। जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत मुरादपुर पंचायत के चौतारा गांव में रविवार दोपहर बाद अचानक भीषण आग लग गई। इस भयंकर आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और राम टोली वार्ड 12 में स्थित दो दर्जन से अधिक परिवारों के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में पीड़ित परिवारों का लाखों रुपये मूल्य का घरेलू सामान और अन्य संपत्ति जलकर पूरी तरह से राख हो गई है। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को अपने घरों से कीमती सामान निकालने का पर्याप्त समय तक नहीं मिल पाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर बाद की है। चौतारा गांव के राम टोली वार्ड 12 में जब आग लगी, तो शुरुआत में यह एक छोटी सी घटना प्रतीत हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हवा के कारण आसपास के घरों में फैलने लगीं। गांव में कच्चे और फूस के घर होने तथा संकीर्ण गलियों के कारण आग ने बहुत तेजी से अपना दायरा बढ़ा लिया। आग की लपटों और उठते हुए काले धुएं के गुबार को देखकर पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने घरों में रखे सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए भागदौड़ करने लगे, लेकिन आग की भयंकरता के आगे उनकी एक न चली।

इस दुर्घटना में दो दर्जन परिवारों के घर जलकर खाक हो गए हैं। इन घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर, जरूरी दस्तावेज और अन्य घरेलू सामान सहित लाखों रुपये की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। कई परिवारों की जीवन भर की जमा-पूंजी इस आग में स्वाहा हो गई। आग लगने के तुरंत बाद ग्रामीणों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लोगों ने बाल्टियों और अन्य बर्तनों में पानी भरकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ग्रामीणों के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे थे। इसके बाद मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग को दी गई।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल की गाड़ियों ने लगातार पानी का छिड़काव करके आग को आगे फैलने से रोका और काफी देर की जद्दोजहद के बाद इसे पूरी तरह से शांत किया गया। हालांकि, तब तक आग अपना व्यापक नुकसान कर चुकी थी। दमकल की टीम के समय रहते पहुंचने से आग को अन्य वार्डों या गांव के बाकी हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया, जिससे और बड़ा हादसा होने से बच गया।

इस आगलगी की घटना में किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है, जो पीड़ित परिवारों और गांव वालों के लिए राहत की बात है। हालांकि, दो दर्जन परिवार अब बेघर हो गए हैं और उनके पास सिर छुपाने के लिए कोई जगह नहीं बची है। जिन घरों में आग लगी, वे पूरी तरह से जलकर नष्ट हो चुके हैं। पीड़ित परिवारों के समक्ष अब रात बिताने और भोजन जुटाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। आग बुझने के बाद भी घटनास्थल से धुआं उठता रहा और जली हुई संपत्ति का मलबा बिखरा पड़ा था।

आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। प्रशासनिक स्तर पर इस बात की जांच की जा रही है कि आग किस वजह से शुरू हुई। क्या यह आग चूल्हे से निकली चिंगारी के कारण लगी, या फिर किसी शॉर्ट सर्किट का परिणाम थी, इस बारे में अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। स्थानीय प्रशासन द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने और नुकसान का आकलन किए जाने की संभावना है।

इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों में गहरा सदमा है। जिन लोगों के घर जले हैं, वे आसमान के नीचे खुले में बैठने को मजबूर हैं। ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि उन्हें तत्काल सरकारी सहायता मुहैया कराई जाए ताकि वे अपना जीवन फिर से पटरी पर ला सकें। बेघर हुए लोगों ने राहत सामग्री, भोजन और पुनर्वास के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र में आगलगी की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की कमियों को भी उजागर करती है। गर्मियों और शुष्क मौसम में ऐसे गांवों में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं, जहां घरों का निर्माण मुख्य रूप से ज्वलनशील सामग्रियों से किया गया होता है। इस घटना ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि ग्रामीण इलाकों में अग्निशमन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।

फिलहाल, दमकल विभाग की टीम ने आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया है और स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। पीड़ित परिवारों को हुए करोड़ों के नुकसान का सही आंकड़ा प्रशासनिक सर्वे के बाद ही सामने आएगा। वंदे भारत न्यूज़ की ओर से यह रिपोर्ट प्राप्त स्रोत जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।