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Mon, Oct 12, 2026Updated 9:52 AM IST
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मध्य प्रदेश में 20 अक्टूबर से बढ़ेगी रात की ठंड, इंदौर में पारा गिरकर रिकॉर्ड 15.8 डिग्री पर पहुंचा; ग्वालियर और नर्मदापुरम में दिन के तापमान ने बढ़ाई गर्मी

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भोपाल/इंदौर। वंदे भारत न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य में अब सर्दियों की दस्तक साफ तौर पर महसूस की जाने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि 20 अक्टूबर से प्रदेश में रात के तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे रात में ठंड का असर स्पष्ट रूप से बढ़ जाएगा। इसी कड़ी में सोमवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों में मौसम के अलग-अलग रुख देखने को मिले। जहां एक तरफ इंदौर में बीती रात न्यूनतम तापमान गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो कि इस सीजन का एक रिकॉर्ड स्तर है, वहीं दूसरी तरफ ग्वालियर और नर्मदापुरम जैसे शहरों में दिन के समय लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा अपडेट के अनुसार, आगामी दिनों में पूरे मध्य प्रदेश में रात का पारा लगातार नीचे गिरने की संभावना है। विभाग का मानना है कि 20 अक्टूबर के बाद से रात के तापमान में होने वाली यह गिरावट ठंड की शुरुआत का संकेत देगी। अभी तक प्रदेश में दिन के समय धूप खिली रहने के कारण हल्की गर्मी का अहसास हो रहा था, लेकिन रात होते ही ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं के प्रभाव के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह और शाम के समय लोगों को हल्के ऊनी कपड़ों की जरूरत पड़ सकती है।

इंदौर में बीती रात मौसम ने करवट लेते हुए न्यूनतम तापमान को 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया। यह इस साल के मौसम में रात के तापमान का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। इंदौर में अचानक पारे के गिरने से शहरवासियों को ठंड का एहसास हुआ। शाम ढलते ही हवाओं में ठंडक घुल गई और लोगों ने अपने घरों में हल्के गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। व्यापारिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में अक्टूबर के महीने में ही तापमान का 15.8 डिग्री तक गिरना मौसम के जल्दी बदलने का संकेत है। आम तौर पर इंदौर में इस तरह की ठंड नवंबर के मध्य में महसूस की जाती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ जल्दी ही बदल गया है।

हालांकि, प्रदेश के सभी हिस्सों में एक समान मौसम नहीं देखा गया। ग्वालियर और नर्मदापुरम में दिन के समय तापमान ऊंचा बना रहा, जिससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। ग्वालियर में दोपहर के समय सूरज तेज रहा और धूप तपती रही, जबकि नर्मदापुरम में भी दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। इन दोनों शहरों में दिन और रात के तापमान के बीच काफी अंतर देखने को मिल रहा है। दिन में जहां लोग गर्मी से परेशान रहे, वहीं रात होते ही मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिन और रात के तापमान में बढ़ता यह अंतर (डायूर्नल टेम्परेचर वेरिएशन) मौसम परिवर्तन का एक सामान्य हिस्सा है, जो सर्दियों के आगमन से पहले देखा जाता है।

मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर से रात में ठंड बढ़ने का जो अनुमान जताया है, उसके मद्देनजर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तापमान में अचानक हो रहे बदलाव के कारण बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह और रात के समय बाहर निकलते वक्त शरीर को ढककर रखना चाहिए और ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क से बचना चाहिए। इसके साथ ही गर्म पानी का सेवन और संतुलित आहार लेने पर जोर दिया जा रहा है ताकि मौसम परिवर्तन के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।

मध्य प्रदेश में अक्टूबर का महीना मानसून की विदाई और सर्दियों की शुरुआत का संक्रमण काल होता है। इस बार मानसून की विदाई के बाद मौसम में तेजी से बदलाव आया है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से यानी मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ठंड का असर जल्दी दिखाई देने लगा है, जबकि पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में अभी भी दिन के समय गर्मी बरकरार है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद पूरे प्रदेश में रात का तापमान गिरने की प्रक्रिया तेज होगी और कई जिलों में पारा 15 डिग्री या उससे भी नीचे जा सकता है।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में मौसम का यह बदलता मिजाज साफ संकेत दे रहा है कि सर्दियां जल्द ही पूरी तरह से दस्तक देने वाली हैं। इंदौर में 15.8 डिग्री सेल्सियस तक गिरा पारा और मौसम विभाग का 20 अक्टूबर से ठंड बढ़ने का अनुमान प्रदेशवासियों के लिए समय रहते तैयारी करने का संदेश है। हालांकि, ग्वालियर और नर्मदापुरम जैसे शहरों में दिन के समय अभी भी गर्मी बनी हुई है, लेकिन रात होते ही ठंडक का एहसास पूरे प्रदेश में एक समान होने लगा है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले नियमित अपडेट्स पर नजर रखना प्रदेश के नागरिकों के लिए आवश्यक होगा, ताकि वे बदलते मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य का उचित ध्यान रख सकें।