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Mon, Oct 12, 2026Updated 6:07 PM IST
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शहडोल: डायल 112 के आरक्षक प्रहलाद सिंह निलंबित, एफआरवी के अनधिकृत इस्तेमाल और ट्रैक्टर दुर्घटना मामले में एसपी ने की कार्रवाई

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शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस विभाग ने एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए डायल 112 सेवा में तैनात एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के भुरका गांव में हुई एक घटना से जुड़े मामले में की गई है। शहडोल के पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए आरक्षक प्रहलाद सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। निलंबित आरक्षक की पहचान आरक्षक क्रमांक 525 प्रहलाद सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद उन्हें रक्षित केंद्र से संबद्ध कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भुरका गांव में सामने आया था। बताया जा रहा है कि भुरका गांव में रेत से लदा हुआ एक ट्रैक्टर चल रहा था। इसी दौरान डायल 112 की टीम वहां पहुंची और रेत से भरे इस ट्रैक्टर को रोका गया। ट्रैक्टर को रोकने के बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसमें ट्रैक्टर एक नाले में पलट गया। इस दुर्घटना और उसके बाद सामने आए तथ्यों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया, जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

इस घटनाक्रम की जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि डायल 112 सेवा के लिए आवंटित वाहन यानी फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल (एफआरवी) का इस्तेमाल अनधिकृत तरीके से किया जा रहा था। पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार, डायल 112 की एफआरवी गाड़ियों का उपयोग केवल आपातकालीन स्थितियों और निर्धारित पुलिस ड्यूटी के लिए ही किया जाना चाहिए। इन वाहनों का किसी भी अन्य कार्य या व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना वर्दी और विभागीय नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। आरक्षक प्रहलाद सिंह पर इसी अनधिकृत इस्तेमाल का आरोप लगा है, जिसे उनके निलंबन का मुख्य आधार बनाया गया है।

शहडोल के पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने आरक्षक 525 प्रहलाद सिंह को निलंबित करने का औपचारिक आदेश जारी किया। इसके साथ ही, निलंबन अवधि के दौरान उनकी ड्यूटी रक्षित केंद्र से संबद्ध कर दी गई है। पुलिस विभाग में रक्षित केंद्र से संबद्ध किए जाने का अर्थ यह होता है कि निलंबित कर्मचारी को किसी भी थाने या सक्रिय पुलिस ड्यूटी पर नहीं रखा जाता, बल्कि उसे मुख्यालय या रक्षित केंद्र में रहकर विभागीय आदेशों का पालन करना होता है। यह कार्रवाई पुलिस महकमे में साफ संदेश देती है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डायल 112 प्रणाली मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में नागरिकों की सुरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा है। इस सेवा के तहत तैनात वाहन और कर्मचारी सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा से जुड़े होते हैं। जब कोई आपातकालीन कॉल आती है, तो एफआरवी को तत्काल मौके पर पहुंचना होता है। ऐसे में यदि इन वाहनों का उपयोग किसी अन्य काम के लिए किया जाए, तो आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को समय पर मदद नहीं मिल पाती। भुरका गांव में हुए इस मामले ने इसी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार आरक्षक को निलंबित कर दिया।

भुरका गांव में रेत से भरे ट्रैक्टर के नाले में पलटने की घटना ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने या अन्य नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारी की ओर से हुई चूक और नियमों के उल्लंघन को लेकर बिना किसी देरी के अनुशासनात्मक कदम उठाया है। जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने अपनी आंतरिक व्यवस्थाओं को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा की गई इस कार्रवाई से जिले के अन्य पुलिसकर्मियों में भी स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय संपत्ति और विशेष रूप से आपातकालीन सेवाओं के वाहनों का दुरुपयोग किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। आरक्षक प्रहलाद सिंह के निलंबन के बाद अब वे रक्षित केंद्र में रहेंगे और उन पर विभागीय नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया भी लागू हो सकती है। शहडोल पुलिस का यह कदम विभागीय अनुशासन को बनाए रखने और जनता के बीच पुलिस की छवि को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। वंदे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट में बताई गई सभी जानकारी उपलब्ध स्रोतों और पुलिस विभाग द्वारा जारी की गई कार्रवाई पर आधारित है।