मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा तहसील में स्थित मां बगलामुखी मंदिर के पास बरसाती नाले में एक कार धंस जाने की भयंकर हादसे में कुल 8 लोगों की जान चली गई। इस दुखद घटना में शामिल तीन बच्चों की भी हत्या हो गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पीड़ितों की मौत का कारण डूबना सामने आया है।
इस हादसे में 7 पीड़ित ओडिशा राज्य से हैं, जबकि कार के ड्राइवर अरुण गोयल आगर-मालवा के बड़ौद के निवासी थे। जानकारी मिली कि, सभी पीड़ित मां बगलामुखी मंदिर के दर्शन के लिए आए थे और उन्होंने उज्जैन से कार किराए पर ली थी। यह जानकारी बताती है कि पीड़ित परिवार धार्मिक यात्रा पर थे और उनका यह अचानक अंतिम संसार बन गया।
भारतीय पुलिस के एसपी दिलीप कुमार सोनी के मुताबिक, यह हादसा रात करीब 3 बजे हुआ। उस समय रात की अंधेरी और तेज बारिश के कारण स्थिति और भी विकट हो गई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में मौत का मुख्य कारण डूबना सामने आया है। पुलिस ने मंदिर और आसपास के क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज की खंगाली की है ताकि घटना की सटीक घटनाक्रम और कार के बहने की परिस्थितियों को समझा जा सके। ड्राइवर अरुण गोयल सहित कुल 6 पीड़ितों की पहचान कर ली गई है।
पहचान किए गए पीड़ितों में ड्राइवर अरुण गोयल के अलावा राधा रानी बहेरा, ज्ञानेंद्र कुमार बहेरा, रितारानी जो ज्ञानेंद्र बहेरा की पत्नी हैं, कृष्णा राजवीर जो शिवप्रसाद बहेरा का पुत्र हैं, और शिवप्रसाद बहेरा शामिल हैं। अभी तक बाकी पीड़ितों की पहचान प्रक्रिया जारी है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके।
इस दुखद हादसे के बाद स्थानीय लोगों में बड़ा आक्रोश देखने को मिला। अंबेडकर चौराहे पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के तहत स्थानीय दुकानें भी बंद कर दी गई हैं। हादसे के मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे और आगे की जांच बाधित न हो। कलेक्टर, एसपी दिलीप कुमार सोनी और एएसपी रवींद्र कुमार बोयट समेत प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
परिस्थितियों को देखें तो पता चलता है कि नलखेड़ा में पिछले 24 घंटों में 3.7 इंच की भारी बारिश हुई थी। रात में तेज बारिश के बाद नाले का पानी तेजी से बढ़ गया। इस बढ़े हुए पानी के बहाव में कार पुलिया से करीब 100 मीटर दूर खिसकती हुई चली गई। सुबह जब पानी उतरा, तो कार की छत सामने आ गई, जिससे स्थानीय व्यक्तियों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस और तहसीलदार को तुरंत सूचना दी।
स्थानीय व्यक्तियों की सूचना पर तुरंत पुलिस और तहसीलदार घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीआरएफ यानी स्वधारमित दल रिस्क फोर्स की मदद से कार को बाहर निकाला गया। पुलिस ने घटना की तस्वीरें भी खींचवाई हैं जो जांच में सहायक सिद्ध होंगी। सभी पीड़ितों के शवों को निकटतम अस्पताल भेजे गए और पोस्टमॉर्टम के ल्षणों की जांच के लिए भेजा गया।
इस हादसे की जांच की प्रक्रिया जारी है और पुलिस सटीक तथ्यों की पुष्टि कर रही है। एसपी दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि पूरी जांच पूर्ण होने के बाद अधिक जानकारी साझा की जाएगी।
एक अलग घटना के तौर पर, इसी समय सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर गढ़ाकोटा रोड पर चनाटोरिया के पास तेज रफ्तार बस और कार की भिड़ंत हो गई। इस टक्कर में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में उतर गई। हादसे के बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कार सवार लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंठाया।














