दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) ने घोषणा की है कि हवाई अड्डे का तीसरा रनवे, 11आर/29एल, 20 सितंबर 2026 से परिचालन में वापस आ जाएगा। रनवे को इस साल फरवरी में व्यापक पुनर्निर्माण के लिए बंद कर दिया गया था और लगभग सात महीने के काम के बाद इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। डीआईएएल ने बताया कि रनवे को फिर से खोलने से पहले सभी आवश्यक निरीक्षण, सत्यापन और नियामक मंजूरियाँ पूरी की गईं।
रनवे के पुनर्निर्माण का काम 26 फरवरी 2026 को टेकऑफ और लैंडिंग के लिए बंद होने के बाद शुरू हुआ था। मूल रूप से इसे मई 2026 के अंत तक बंद रखने की योजना थी, लेकिन पुनर्निर्माण कार्य सितंबर 2026 तक चला, जिससे यात्रियों और एयरलाइनों को लंबी अवधि के व्यवधान का सामना करना पड़ा। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि इतने बड़े अपग्रेड की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि रनवे 2008 से लगातार उपयोग में था और बढ़ते हवाई यातायात, अधिक परिचालन दबाव और समय के साथ रनवे के पुराने होने के कारण व्यापक पुनर्निर्माण आवश्यक हो गया था। इससे पहले 2017 में मामूली पुनर्निर्माण किया गया था।
अपग्रेड में कई प्रमुख परिवर्तन शामिल हैं। सबसे उल्लेखनीय नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे (आरईटी जेड1) है, जो रनवे से सीधे बाहर निकलने की अनुमति देता है, जिससे लैंडिंग के बाद विमान की गति कम होते ही रनवे को जल्दी खाली किया जा सकता है। इससे रनवे पर विमान के रहने का समय कम होगा और अगले विमान के लैंडिंग या टेकऑफ के लिए रनवे जल्दी उपलब्ध होगा। इसके अलावा, रनवे की सतह को फिर से बनाया गया, पेवमेंट को मजबूत किया गया, 29एल के थ्रेशोल्ड को स्थायी रूप से बदल दिया गया और एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया। सिविल और इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार किए गए, जिससे समग्र परिचालन क्षमता में सुधार हुआ।
इन सुधारों से यात्रियों और एयरलाइनों को कई लाभ होंगे। रनवे के फिर से शुरू होने से हवाई अड्डे की परिचालन क्षमता और उड़ान गतिविधि की क्षमता में वृद्धि होगी। नया एग्जिट टैक्सीवे विमानों को रनवे से जल्दी हटने की अनुमति देगा, जिससे रनवे की उपलब्धता में सुधार होगा और देरी कम होगी। इसके अलावा, उन्नत प्रकाश व्यवस्था और मजबूत पेवमेंट से सभी मौसम की स्थितियों में सुरक्षा मानकों में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को अधिक विश्वसनीय सेवाएँ मिलेंगी।
पूरे पुनर्निर्माण परियोजना के दौरान, डीआईएएल ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और विभिन्न एयरलाइनों के साथ मिलकर काम किया। सहयोग का उद्देश्य सुरक्षा, परिचालन और नियामक आवश्यकताओं से संबंधित सभी शर्तों को पूरा करना था। निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, 20 सितंबर 2026 से रनवे पर परिचालन फिर से शुरू करने की मंजूरी मिली।
यहाँ कुछ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न हैं जो रनवे के पुनर्निर्माण और फिर से शुरू होने के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करते हैं:
**प्रश्न: रनवे कब बंद किया गया था?**
**उत्तर:** रनवे 11आर/29एल को 26 फरवरी 2026 से टेकऑफ और लैंडिंग के लिए बंद कर दिया गया था।
**प्रश्न: पुनर्निर्माण कार्य कितने समय तक चला?**
**उत्तर:** लगभग सात महीने। मूल रूप से इसे मई 2026 के अंत तक बंद रखने की योजना थी, लेकिन पुनर्निर्माण कार्य सितंबर 2026 तक चला।
**प्रश्न: इतने बड़े अपग्रेड की आवश्यकता क्यों पड़ी?**
**उत्तर:** रनवे 2008 से लगातार उपयोग में था। बढ़ते हवाई यातायात, अधिक परिचालन दबाव और समय के साथ रनवे के पुराने होने के कारण व्यापक पुनर्निर्माण आवश्यक हो गया था। इससे पहले 2017 में मामूली पुनर्निर्माण किया गया था।
**प्रश्न: नए रनवे में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?**
**उत्तर:** इसमें नया रैपिड एग्जिट टैक्सीवे (आरईटी जेड1) बनाया गया है, जिससे लैंडिंग के बाद विमान रनवे को जल्दी खाली कर सकेंगे और रनवे पर विमान के रहने का समय कम होगा।
**प्रश्न: रनवे पर और क्या-क्या काम हुआ?**
**उत्तर:** रनवे की नई सतह बिछाई गई, पेवमेंट मजबूत किया गया, 29एल का थ्रेशोल्ड स्थायी रूप से बदल दिया गया और एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया। सिविल और इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार किए गए।
**प्रश्न: इसका यात्रियों को क्या फायदा होगा?**
**उत्तर:** रनवे के फिर से शुरू होने से हवाई अड्डे की परिचालन क्षमता और उड़ान गतिविधि की क्षमता में वृद्धि होगी। नया एग्जिट टैक्सीवे विमानों को रनवे से जल्दी हटने की अनुमति देगा, जिससे रनवे की उपलब्धता में सुधार होगा।
यह विकास दिल्ली हवाई अड्डे के बुनियादी ढाँचे के लगातार उन्नयन को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य बढ़ती यातायात मांग को पूरा करना और यात्रियों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करना है।
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