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Tue, Oct 13, 2026Updated 8:34 AM IST
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पटना में जोनल आईजी जितेंद्र राणा ने की ERSS समीक्षा बैठक: आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर दिया गया जोर, हर 15 दिन में होगी समीक्षा

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पटना। वंदे भारत न्यूज। बिहार के केंद्रीय क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जितेंद्र राणा ने सोमवार को पटना में पुलिस अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पटना पुलिस के कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करना और विशेष रूप से इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) को अधिक प्रभावी तथा चुस्त बनाने के तरीकों पर चर्चा करना था। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब पुलिस अधिकारी हर 15 दिन में नियमित रूप से ERSS की कार्यप्रणाली और उसकी दक्षता की समीक्षा करेंगे, ताकि आम जनता को मिलने वाली सुरक्षा सेवाओं में कोई कमी न रहे और आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

सोमवार को आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में केंद्रीय क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा ने पटना पुलिस के आला अधिकारियों के साथ विस्तार से संवाद किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बैठक में कार्तिकेय शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान पटना पुलिस द्वारा किए जा रहे कामकाज की बारीकी से समीक्षा की गई। जोनल आईजी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध को रोकने और जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए भी पुलिस को हमेशा मुस्तैद रहना होगा।

बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम यानी ERSS की वर्तमान स्थिति और उसकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना था। ERSS वह प्रणाली है जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक आपातकालीन स्थिति में ‘112’ डायल करके तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकता है। जोनल आईजी जितेंद्र राणा ने इस बात पर गहरा जोर दिया कि इस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जब कोई कॉल आती है तो पुलिस की प्रतिक्रिया का समय (रिस्पांस टाइम) क्या होता है और पीसीआर (पुलिस कंट्रोल रूम) वैन कितनी जल्दी घटनास्थल पर पहुंचती है। आईजी ने साफ तौर पर कहा कि आपातकालीन कॉल का जवाब देने में किसी भी प्रकार की देरी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगी।

इसी क्रम में बैठक में एक ठोस निर्णय लेते हुए यह तय किया गया कि अब हर 15 दिन में अधिकारियों द्वारा ERSS की समीक्षा की जाएगी। इस पाक्षिक समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन सेवाएं बिना किसी बाधा के निरंतर और तेजी से काम करती रहें। समीक्षा के दौरान उन कमियों को चिह्नित किया जाएगा जो लोगों को समय पर मदद पहुंचाने में बाधक बन रही हैं, और उन्हें दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी रिपोर्ट तैयार रखें और हर 15 दिन बाद होने वाली इस समीक्षा बैठक में प्रगति और समस्याओं दोनों की स्पष्ट जानकारी दें।

बैठक में पटना पुलिस के कामकाज की व्यापक समीक्षा के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि जनता का विश्वास जीतना पुलिस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए जरूरी है कि थाना स्तर पर आने वाले फरियादियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से हो। जोनल आईजी ने कहा कि पटना राज्य की राजधानी है और यहां की कानून व्यवस्था का असर पूरे राज्य की छवि पर पड़ता है, इसलिए पटना पुलिस को अपना कामकाज और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और तकनीक आधारित बनाना होगा।

तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाएं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, वाहनों की ट्रैकिंग और डिजिटल डेटा के विश्लेषण से अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सकता है। ERSS प्रणाली को भी इन तकनीकी उपकरणों से जोड़कर और मजबूत करने की बात कही गई, ताकि कॉल आते ही घटनास्थल की सटीक लोकेशन और आसपास के पुलिस संसाधनों की जानकारी तुरंत मिल सके।

अंत में, केंद्रीय क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा ने सभी उपस्थित पुलिस अधिकारियों को उनके दायित्वों की याद दिलाते हुए कहा कि वे मैदानी स्तर पर काम करने वाले जवानों का मनोबल बढ़ाएं और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण दें। बैठक में यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि पुलिस प्रशासन जनता की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में हर 15 दिन में होने वाली नियमित समीक्षाओं के जरिए पटना पुलिस की कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल से भविष्य में आपातकालीन स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया और भी तेज होगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सकेगा।