जेएनयू प्रकरण: जमुई में भाजपा महिला मोर्चा का उग्र प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला फूंका; कांग्रेस सांसद पर छात्राओं से दुर्व्यवहार का आरोप

बिहार के जमुई जिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े एक विवादित प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला मोर्चा ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया है। शहर के प्रमुख कचहरी चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और महिला कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी का पुतला दहन किया। इस दौरान पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और सड़क पर यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
भाजपा महिला मोर्चा के इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मणिपुर से कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़ा था। प्रदर्शन में शामिल भाजपा नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने मणिपुर के कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर जेएनयू की महिला विद्यार्थियों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक करार दिया। उनका कहना था कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सभ्य समाज और राजनीतिक दल के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता है।
कचहरी चौक पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। महिला कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान के मामले में कांग्रेस की नीतियां पूरी तरह से विफल रही हैं। उन्होंने राहुल गांधी का पुतला फूंककर यह संदेश देने का प्रयास किया कि कांग्रेस नेतृत्व अपने सांसदों के कथित कृत्यों के लिए जिम्मेदार है। पुतला दहन के दौरान धुएं के गुबार उठे और कार्यकर्ताओं ने ‘कांग्रेस हाय-हाय’ और ‘राहुल गांधी शर्म करो’ जैसे नारे लगाए।
भाजपा महिला मोर्चा की ओर से इस प्रदर्शन के दौरान कुछ ठोस मांगें भी रखी गईं। प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर के कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को देखते हुए उनके तत्काल निलंबन की मांग की है। इसके साथ ही, भाजपा नेताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराए जाने की भी जोरदार मांग उठाई है। उनका स्पष्ट मत था कि पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए जांच एजेंसियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए और दोषी पाए जाने पर सांसद के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जेएनयू प्रकरण को लेकर जमुई में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किए गए इस विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीति में भी गर्माहट ला दी है। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि जब कोई जनप्रतिनिधि, जिस पर जनता की सेवा और रक्षा की जिम्मेदारी होती है, उस पर ही छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पार्टी से सवाल किया कि वह ऐसे आरोपों पर चुप्पी क्यों साधे हुए है और क्या पार्टी अपने सांसद के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो भाजपा महिला मोर्चा भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। महिला कार्यकर्ताओं ने आम जनता से भी अपील की कि वे महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के इस मुद्दे पर एकजुट हों और ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं।
उल्लेखनीय है कि जेएनयू में हाल ही में सामने आए इस विवाद ने राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। मणिपुर से कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे ये आरोप काफी गंभीर माने जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कांग्रेस पार्टी या स्वयं सांसद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। आरोपों की सत्यता और मामले की वास्तविकता अभी जांच का विषय है, लेकिन भाजपा ने इसे लेकर विपक्ष पर हमलावर रुख अपना लिया है।
जमुई के कचहरी चौक पर हुए इस प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, महिला मोर्चा की जिला और प्रदेश स्तर की पदाधिकारियां, तथा बड़ी संख्या में पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी कचहरी चौक और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए थे। पुलिस बल की मौजूदगी में पुतला दहन का कार्यक्रम पूरा किया गया और इसके बाद प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर वहां से हटाया गया।
कुल मिलाकर, जेएनयू प्रकरण और मणिपुर के कांग्रेस सांसद पर लगे कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर जमुई में भाजपा महिला मोर्चा का यह विरोध प्रदर्शन काफी मुखर और आक्रामक रहा। राहुल गांधी के पुतले का दहन और सांसद के निलंबन की मांग ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भाजपा आगामी दिनों में इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से और तेजी से उठा सकती है। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में आगे क्या जांच होती है और कांग्रेस पार्टी इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है।

