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Tue, Oct 13, 2026Updated 8:33 AM IST
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शेखपुरा: बरबीघा के चर्चित हथौड़ा कांड में मुख्य आरोपी आयुष कुमार दोषी करार, 28 अक्टूबर को सजा पर होगी सुनवाई

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शेखपुरा। वंदे भारत न्यूज़। बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए बहुचर्चित हथौड़ा कांड में सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी की अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी आयुष कुमार को डकैती के दौरान हत्या करने का दोषी करार दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। यह मामला पिछले पांच वर्षों से जिले में चर्चा का विषय बना हुआ था और अदालत के इस फैसले से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

बता दें कि यह पूरा मामला वर्ष 2021 का है, जब बरबीघा नगर क्षेत्र में डकैती की नीयत से एक घटना को अंजाम दिया गया था। अपराधियों ने डकैती के दौरान बेहद क्रूर तरीके से हथौड़े का इस्तेमाल करते हुए हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। हथौड़े से हमला करके की गई इस हत्या के कारण ही स्थानीय स्तर पर और मीडिया में यह मामला ‘हथौड़ा कांड’ के नाम से कुख्यात हो गया था। घटना के बाद से ही पूरे बरबीघा नगर क्षेत्र और शेखपुरा जिले में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था। लोगों के मन में डकैती और इस तरह की हिंसक वारदातों को लेकर भारी भय बना हुआ था।

इस घटना के बाद बरबीघा थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान कई बिंदुओं पर काम किया और साक्ष्य जुटाए। तकनीकी सुराग और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी आयुष कुमार की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया था, जिसके बाद इस मामले में नियमित रूप से सुनवाई शुरू हुई थी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी की अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। गवाहों के बयान भी अदालत में दर्ज कराए गए। लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सोमवार को अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रखा और सुनाया। न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी ने सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी आयुष कुमार को डकैती के दौरान हत्या करने के आरोप में दोषी पाया।

अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद अब इस मामले में सजा को लेकर सुनवाई होनी बाकी है। न्यायालय ने सजा के बिंदु पर विचार करने और सुनवाई पूरी करने के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की है। उस दिन अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों की ओर से सजा की मात्रा को लेकर अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखी जाएंगी। इसके बाद अदालत तय करेगी कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी आयुष कुमार को क्या सजा दी जाए। डकैती के दौरान हत्या का मामला अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है, इसलिए माना जा रहा है कि अदालत सख्त सजा पर विचार कर सकती है।

बरबीघा के इस हथौड़ा कांड ने जिले की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे। वर्ष 2021 में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जिससे लोगों में कुछ राहत जरूर आई थी। अब लगभग पांच साल बाद अदालत द्वारा मुख्य आरोपी को दोषी करार दिए जाने से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों को न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

शेखपुरा जिला न्यायालय का यह फैसला आपराधिक मामलों में कानून के राज को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डकैती और हत्या जैसे संगीन अपराधों में शामिल लोगों को कड़ी सजा मिलना समाज में एक संदेश भेजता है कि अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बरबीघा नगर क्षेत्र के निवासी इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें 28 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत दोषी आयुष कुमार को उसकी सजा सुनाएगी। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सजा की सुनवाई पर लगातार नजर रखे हुए है।