जेएनयू प्रकरण पर कैमूर में भाजपा का जोरदार प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद आंगोमचा विमोल अकोइजाम का पुतला फूंका; राहुल गांधी से मांगा जवाब

वन्दे भारत न्यूज़। बिहार के कैमूर जिले में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने जेएनयू प्रकरण को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान भभुआ शहर के एकता चौक पर मणिपुर से कांग्रेस सांसद आंगोमचा विमोल अकोइजाम का पुतला फूंका गया। भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडे के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और कांग्रेस पार्टी तथा उसके नेताओं के खिलाफ तीखे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
सोमवार को भभुआ के एकता चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडे के निर्देशन में सभी कार्यकर्ता एकत्र हुए और उन्होंने मणिपुर के कांग्रेस सांसद आंगोमचा विमोल अकोइजाम के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद का एक पुतला तैयार किया था, जिसे बाद में एकता चौक पर आग के हवाले कर दिया गया। पुतला दहन के समय वहां मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस विरोधी नारेबाजी की और जेएनयू प्रकरण में सांसद द्वारा कथित रूप से दी गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की।
भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडे ने इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं और मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जेएनयू प्रकरण में कांग्रेस सांसद आंगोमचा विमोल अकोइजाम का रुख देश के हितों और राष्ट्रीय भावनाओं के पूरी तरह विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता जानबूझकर ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे देश की एकता और अखंडता को ठेस पहुंचती है। पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्रविरोधी बयानबाजी को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराना पार्टी का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि कैमूर जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकता चौक पर पुतला फूंककर यह संदेश दे दिया है कि वे किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधि या बयानबाजी के खिलाफ खड़े हैं।
इस प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से भी सवाल किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब उनके ही पार्टी के सांसद इस तरह के विवादित और आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं, तो राहुल गांधी को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने मांग की कि राहुल गांधी देश की जनता को बताएं कि क्या वे अपने सांसद आंगोमचा विमोल अकोइजाम के बयानों का समर्थन करते हैं या उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, जो उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
ज्ञात हो कि हाल ही में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े एक प्रकरण ने राष्ट्रीय राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है। इसी प्रकरण के संदर्भ में मणिपुर से कांग्रेस सांसद आंगोमचा विमोल अकोइजाम का बयान सामने आया था, जिसके बाद भाजपा ने देश भर में उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए जा रहे इस प्रकार के बयान देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति उनकी सोच को उजागर करते हैं। कैमूर में हुए इस प्रदर्शन को भी उसी राष्ट्रीय अभियान के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर कांग्रेस नेताओं के बयानों का विरोध कर रहे हैं।
एकता चौक पर हुए इस पुतला दहन कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कांग्रेस सांसद के बयान की निंदा की और इसे देश के युवाओं तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक बताया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर भी पकड़ रखे थे, जिन पर कांग्रेस पार्टी और उसके सांसद के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडे ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सांसद आंगोमचा विमोल अकोइजाम अपने बयान पर माफी नहीं मांगते हैं और कांग्रेस नेतृत्व इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो भाजपा कार्यकर्ता आने वाले दिनों में अपना विरोध प्रदर्शन और अधिक तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि कैमूर जिले के भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्रहित में हमेशा सबसे आगे रहेंगे और किसी भी राजनीतिक दल को देश विरोधी बयानबाजी करने की छूट नहीं दी जाएगी। सोमवार को एकता चौक पर हुआ यह प्रदर्शन कुछ समय के लिए शहर में चर्चा का मुख्य विषय बना रहा और आम लोगों का ध्यान भी इस राजनीतिक घटनाक्रम की ओर आकर्षित हुआ।

