किशनगंज में JNU मामले को लेकर भाजपा का उग्र प्रदर्शन: राहुल गांधी और सांसद बिमोल के पुतले फूंके, छात्राओं के कथित यौन शोषण मामले में बचाने का लगाया आरोप

बिहार के किशनगंज जिले में सोमवार, 12 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ एक जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े एक संवेदनशील मामले को लेकर आयोजित किया गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस दौरान कांग्रेस सांसद आंगमचा बिमोल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के ये नेता JNU में छात्राओं के कथित यौन शोषण के गंभीर मामले में शामिल सांसद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह पूरा घटनाक्रम किशनगंज शहर के स्थानीय टाउन हॉल के सामने देखने को मिला। सोमवार को भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में टाउन हॉल परिसर के बाहर एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और सांसद आंगमचा बिमोल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना अधिक था कि उन्होंने सड़क पर ही राहुल गांधी और सांसद बिमोल के पुतले रखकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। पुतला दहन के दौरान वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार और पार्टी की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं के साथ कथित रूप से हुए यौन शोषण का मामला बेहद गंभीर है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक दलों को पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए आगे आना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी और उसके नेता इस मामले में अपनी ही पार्टी के सांसद को बचाने में लगे हुए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद आंगमचा बिमोल का नाम इस विवाद से जुड़ा है और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व, जिसमें राहुल गांधी शामिल हैं, उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने या पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने का काम कर रहा है।
टॉउन हॉल के सामने हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने संबोधन भी दिया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और छात्राओं के सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस की दोहरी नीति देश के सामने उजागर हो चुकी है। एक तरफ कांग्रेस खुद को महिलाओं और युवाओं की हितैषी पार्टी बताती है, वहीं दूसरी तरफ जब उसी पार्टी के सांसद पर JNU जैसी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था में छात्राओं के कथित यौन शोषण का आरोप लगता है, तो पार्टी का नेतृत्व चुप्पी साध लेता है या आरोपी को बचाने का प्रयास करता है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे नैतिक पतन की पराकाष्ठा बताया।
प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सांसद आंगमचा बिमोल का नाम इस कथित यौन शोषण मामले में आ रहा है, तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए ताकि जांच प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सके। भाजपा ने यह भी चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं ने इस मामले में आरोपी सांसद को बचाने का प्रयास जारी रखा, तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में और भी व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगी।
गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) हमेशा से देश की राजनीति और शैक्षणिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है। अब छात्राओं के कथित यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद यह विवाद राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गया है। किशनगंज जैसे बिहार के सीमावर्ती जिले में भी इसका असर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। सोमवार को हुए इस पुतला दहन कार्यक्रम ने स्थानीय राजनीति में भी गर्माहट ला दी है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी या सांसद आंगमचा बिमोल की ओर से किशनगंज में हुए इस प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि JNU में कथित यौन शोषण की घटना को लेकर पुलिस या विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या प्राथमिकी दर्ज की है या जांच किस स्तर पर चल रही है। भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों और पुतला दहन के इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन ने किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए टाउन हॉल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
कुल मिलाकर, सोमवार, 12 अक्टूबर को किशनगंज के टाउन हॉल के समक्ष भाजपा द्वारा किया गया यह प्रदर्शन JNU के कथित यौन शोषण मामले को लेकर कांग्रेस पर दबाव बनाने की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और सांसद बिमोल के पुतले फूंककर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वे इस मुद्दे पर चुप बैठने वाले नहीं हैं और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाते रहेंगे।

