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Tue, Oct 13, 2026Updated 8:34 AM IST
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नवादा: रेलवे ट्रैक पर रील बनाने वाली महिला ने किया सरेंडर, वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे पुलिस ने दर्ज किया था मामला, जमानत पर हुई रिहा

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नवादा। बिहार के नवादा जिले में रेलवे ट्रैक पर खतरनाक तरीके से वीडियो रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने का मामला सामने आया था। इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल होने के बाद रेलवे पुलिस ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी। अब इस मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। वीडियो में दिखने वाली महिला ने अंततः रेलवे पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए महिला को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। यह पूरा मामला नवादा रेलवे थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जहां सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई थीं।

दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में देखा गया कि एक महिला सक्रिय रेलवे ट्रैक पर खड़ी होकर बेखौफ अंदाज में रील बना रही है। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा था कि महिला अपनी जान को जोखिम में डालकर और रेलवे संपत्ति के दुरुपयोग की परवाह किए बिना शूटिंग कर रही थी। ट्रेनों के आवागमन वाले ट्रैक पर इस तरह का कृत्य न केवल उस महिला की जान के लिए गंभीर खतरा था, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता था। सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो लोगों की नजर में आया, इसे लेकर भारी आलोचना शुरू हो गई। आम नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की कड़ी निंदा की और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।

वीडियो के वायरल होने की जानकारी जब रेलवे पुलिस तक पहुंची तो विभाग ने तुरंत हरकत में आते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। रेलवे पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित महिला की पहचान करने और उसका पता लगाने के लिए अभियान चलाया। तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर रेलवे पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। रेलवे पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि रेलवे ट्रैक पर बिना अनुमति के प्रवेश करना और वहां इस प्रकार की गतिविधियां करना रेलवे अधिनियम और भारतीय दंड संहिता दोनों के तहत एक गंभीर अपराध है। ऐसे कृत्यों से ट्रेनों के परिचालन में बाधा उत्पन्न होने के साथ-साथ यात्रियों और स्वयं व्यक्ति की सुरक्षा को भी सीधा खतरा होता है।

रेलवे पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने और जांच तेज होने के बाद आरोपी महिला पर दबाव बढ़ गया। पुलिस की कार्रवाई से बचने का कोई रास्ता न देखते हुए, महिला ने अंततः नवादा रेलवे पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। महिला ने रेलवे थाना पहुंचकर अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद रेलवे पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। महिला को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ की गई और उसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए महिला को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत मिलने के बाद महिला को जेल भेजे बिना ही रिहा कर दिया गया। हालांकि, इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही अभी भी जारी रहेगी और न्यायालय में सुनवाई के दौरान तथ्यों के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

रेलवे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इस घटना को लेकर आम जनता से विशेष अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने या व्यूज बढ़ाने की चाहत में लोग अक्सर ऐसी हरकतें कर बैठते हैं जो उनकी जान के लिए घातक साबित हो सकती हैं। रेलवे ट्रैक कोई फिल्म या वीडियो शूटिंग का स्टूडियो नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र है जहां हर समय ट्रेनों का आवागमन होता रहता है। रेलवे अधिनियम के तहत ट्रैक पर अनधिकृत रूप से चलना, बैठना या वीडियो बनाना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।

पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति रेलवे ट्रैक या रेलवे संपत्ति का दुरुपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढील के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नवादा में हुए इस वाकये ने एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन के नाम पर हो रही लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा उजागर किया है। प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाते समय कानून और अपनी सुरक्षा दोनों का पूर्ण ध्यान रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और किसी की जान को खतरा न पैदा हो।