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सत्यानिकेतन बिल्डिंग हादसा: चार आरोपियों की न्यायिक हिरासत 5 अक्टूबर तक बढ़ी; हैदराबाद में कांस्टेबल की आत्महत्या, पुणे में डंपर हादसे में युवक की मौत

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्यानिकेतन इलाके में गत 6 सितंबर को हुए पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को चार प्रमुख आरोपियों की न्यायिक हिरासत 5 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला […]
सत्यानिकेतन बिल्डिंग हादसा: चार आरोपियों की न्यायिक हिरासत 5 अक्टूबर तक बढ़ी; हैदराबाद में कांस्टेबल की आत्महत्या, पुणे में डंपर हादसे में युवक की मौत
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नई दिल्ली: दिल्ली के सत्यानिकेतन इलाके में गत 6 सितंबर को हुए पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को चार प्रमुख आरोपियों की न्यायिक हिरासत 5 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता, बेटे महेश गुप्ता और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सानोज की हिरासत अवधि बढ़ाने का आदेश दिया। मामले में दो अन्य आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी भी न्यायिक हिरासत में हैं, जिनकी हिरासत अवधि 25 सितंबर तक निर्धारित है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सुधांशु और शुभम त्यागी कथित तौर पर इमारत में पेइंग गेस्ट (पीजी) संचालक के रूप में कार्यरत थे। शुभम त्यागी पटियाला हाउस कोर्ट में वकील भी हैं और सुधांशु के साथ पीजी संचालन में साझेदार बताए गए हैं। पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच अभी जारी है और इमारत के ढांचागत खामियों, निर्माण में लापरवाही तथा पीजी संचालन के लिए किए गए अवैध परिवर्तनों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

इसी बीच, दिल्ली के रियल्टर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच में पुलिस 1.2 करोड़ रुपये से अधिक के कथित ठगी मामले और लगभग 4 करोड़ रुपये की संपत्ति विवाद की भी छानबीन कर रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन मामलों और मनचंदा की हत्या के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।

उधर, हैदराबाद में सोमवार को 35 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल की उसके आवास पर मौत हो गई। मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट में आर्म्ड रिजर्व कांस्टेबल के पद पर तैनात इस जवान की मौत के पीछे प्रारंभिक जांच में शादी से जुड़ी परेशानियों को लेकर तनाव सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले कांस्टेबल ने एक महिला को इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप के जरिए वीडियो कॉल की थी। इसके कुछ देर बाद उसका शव घर में मिला।

रात करीब 1:30 बजे कांस्टेबल के एक रिश्तेदार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत की सही वजह तथा परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है।

तीसरी बड़ी घटना महाराष्ट्र के पुणे में हुई, जहां सोमवार शाम एनआईबीएम इलाके में एक डंपर ट्रक की टक्कर से बाइक सवार 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसा शाम लगभग 5 बजे रहेजा सर्किल के पास हुआ। मृतक की पहचान हमजा इमरान सरकार के रूप में हुई है। बाइक पर पीछे बैठा 20 वर्षीय वसीम खान घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। वसीम पुणे के एमआईटी कॉलेज का छात्र बताया गया है।

पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद डंपर चालक को हिरासत में ले लिया गया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। यातायात पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित लापरवाही की बात सामने आ रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाएगा।

इन तीनों घटनाओं ने एक बार फिर शहरी सुरक्षा, भवन निर्माण मानकों और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में इमारत ढहने का मामला जहां अवैध निर्माण और पीजी संचालन की अनियमितताओं को उजागर करता है, वहीं हैदराबाद की घटना पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत तनाव प्रबंधन की ओर ध्यान आकर्षित करती है। पुणे का सड़क हादसा भारी वाहनों के आवागमन और यातायात सुरक्षा उपायों की कमी को रेखांकित करता है।

संबंधित विभागों ने अपने-अपने स्तर पर जांच तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस ने इमारत हादसे में फोरेंसिक ऑडिट और ढांचागत इंजीनियरों की रिपोर्ट मंगवाई है। हैदराबाद पुलिस ने कांस्टेबल के कॉल डिटेल और मैसेजिंग ऐप के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुणे यातायात पुलिस ने डंपर के फिटनेस प्रमाणपत्र और चालक के लाइसेंस की जांच के आदेश दिए हैं।

इन घटनाओं पर नागरिक समाज और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। दिल्ली में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने पुरानी इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग दोहराई है। हैदराबाद में पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन ने कांस्टेबल की मौत पर शोक जताते हुए विभाग से काउंसलिंग सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया है। पुणे में छात्र संगठनों ने यातायात सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

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