त्योहारों के मौसम में जोगबनी-मनिहारी स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग तेज, दशहरा, दीपावली और छठ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं ने की अपील

अररिया। बिहार के अररिया जिले से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। दशहरा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए जोगबनी से मनिहारी तक सीधी स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग अब काफी तेज हो गई है। इस संबंध में स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों की ओर से रेलवे प्रशासन से लगातार अपील की जा रही है कि त्योहारों के इस व्यस्त मौसम में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाए।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि इन त्योहारों के दौरान भारत और पड़ोसी देश नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए मनिहारी जाते हैं। मनिहारी गंगा नदी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां विशेषकर छठ पर्व, दशहरा और दीपावली के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में जोगबनी और उसके आसपास के क्षेत्रों से मनिहारी तक सीधी ट्रेन सेवा न होने के कारण श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जोगबनी क्षेत्र भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित एक प्रमुख व्यापारिक और यातायात केंद्र है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग विभिन्न उद्देश्यों से यात्रा करते हैं। त्योहारों के मौसम में इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। नेपाल से भी बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भारत आते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए विभिन्न धार्मिक स्थलों की ओर रुख करते हैं। मनिहारी इनमें से एक प्रमुख गंतव्य है, जहां गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
छठ पर्व बिहार का सबसे महत्वपूर्ण और आस्था से जुड़ा लोक पर्व है। इस पर्व के दौरान व्रतधारी और उनके परिजन गंगा नदी या अन्य जलाशयों के घाटों पर पहुंचकर भगवान भास्कर को अर्घ्य देते हैं। दीपावली और दशहरा के अवसर पर भी धार्मिक अनुष्ठानों और स्नान के लिए नदी तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में जोगबनी से मनिहारी तक सीधी स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू होने से न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सीधा और सुगम लाभ मिलेगा।
फिलहाल इस रूट पर सीधी और पर्याप्त ट्रेन सेवाओं की कमी के कारण यात्रियों को अन्य स्टेशनों पर बदलाव करना पड़ता है या फिर सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। त्योहारों के समय सड़कों पर पहले से ही अत्यधिक वाहनों का दबाव रहता है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि रेलवे प्रशासन इस मांग पर विचार करते हुए जोगबनी-मनिहारी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लेता है, तो सड़क मार्ग पर भी ट्रैफिक का बोझ काफी हद तक कम हो सकता है।
इस मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और यात्री संघों की ओर से भी आवाज उठाई जा रही है। लोगों का तर्क है कि भारतीय रेलवे हमेशा से त्योहारों के मौसम पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन करता रहा है। पूर्वोत्तर बिहार और सीमावर्ती क्षेत्रों की इस आवश्यकता को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जोगबनी से मनिहारी तक की यह रेल यात्रा श्रद्धालुओं के लिए समय की बचत करने वाली और अधिक सुरक्षित साबित होगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन यात्रियों की मांग, रेल लाइन की उपलब्धता और परिचालन संबंधी अन्य तकनीकी पहलुओं पर निर्भर करता है। हालांकि, अभी तक रेलवे की ओर से जोगबनी-मनिहारी स्पेशल ट्रेन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन स्थानीय स्तर पर इस मांग को लेकर जोर-शोर से अभियान चलाया जा रहा है।
देवीगंज और अररिया जिले के अन्य हिस्सों के निवासियों का मानना है कि अगर दशहरा, दीपावली और छठ के लिए समय रहते इस स्पेशल ट्रेन की घोषणा कर दी जाती है, तो हजारों श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। त्योहारों के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को लंबी दूरी की सड़क यात्रा में काफी परेशानी होती है। रेल मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने पर उनकी यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।
वनदे भारत न्यूज की इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि जोगबनी-मनिहारी स्पेशल ट्रेन की मांग केवल एक साधारण परिवहन सुविधा की मांग नहीं है, बल्कि यह दो देशों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा विषय है। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस जनमांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और त्योहारों से पहले इस स्पेशल ट्रेन के संचालन की औपचारिक घोषणा करता है या नहीं। फिलहाल, यात्रियों और श्रद्धालुओं की उम्मीदें रेलवे के आगामी कदमों पर टिकी हुई हैं।

