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Tue, Oct 13, 2026Updated 10:25 AM IST
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सागर: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं करने पर नायब तहसीलदार समेत तीन सचिवों पर जुर्माना, कलेक्टर प्रतिभा पाल ने की सख्त कार्रवाई

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सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर आम जनता के आवेदनों का निराकरण नहीं करने के मामले में जैसिंहनगर क्षेत्र के एक नायब तहसीलदार और तीन ग्राम पंचायत सचिवों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। कलेक्टर द्वारा की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई से जिले के राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व में कार्यालयीन पत्रों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद उनके द्वारा लापरवाही बरती गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जैसिंहनगर तहसील क्षेत्र में पदस्थ एक नायब तहसीलदार और तीन सचिवों के खिलाफ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया है। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने पास लंबित आवेदनों का निराकरण अधिनियम में तय की गई निर्धारित समय-सीमा के अंदर नहीं किया। लोक सेवा गारंटी अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ही यह सुनिश्चित करना है कि राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं का लाभ आम नागरिकों को बिना किसी देरी और परेशानी के एक निश्चित समय-सीमा के भीतर मिल सके। जब कोई अधिकारी या कर्मचारी इस समय-सीमा का पालन नहीं करता है, तो अधिनियम के तहत उसके खिलाफ जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

कलेक्टर कार्यालय की ओर से बताया गया है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है। इससे पहले भी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यों में तेजी लाने और लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने के लिए नियमित रूप से निर्देशित किया जा रहा था। कार्यालयीन पत्रों के माध्यम से उन्हें स्पष्ट चेतावनी भी दी गई थी कि यदि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करते हैं और आवेदनों को समय पर निपटाने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, बार-बार दिए गए निर्देशों और चेतावनियों के बाद भी नायब तहसीलदार और तीनों सचिवों ने अपने कार्य में लापरवाही बरतना जारी रखा, जिसके परिणामस्वरूप कलेक्टर को उनके खिलाफ जुर्माना लगाने का कदम उठाना पड़ा।

जारी किए गए आदेश के अनुसार, दंडित किए गए नायब तहसीलदार और तीनों सचिवों को लगाए गए जुर्माने की राशि तीन दिन के भीतर जमा करनी होगी। यह समय-सीमा इसलिए तय की गई है ताकि कार्रवाई की गंभीरता को समझा जा सके और भविष्य में अन्य अधिकारी व कर्मचारी इस तरह की लापरवाही से बचें। यदि निर्धारित तीन दिनों के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है, तो इस मामले में आगे और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें वेतन से राशि की वसूली जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा की गई यह कार्रवाई पूरे जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक संदेश है। सागर जिले में आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य जैसे जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व एवं पंचायत संबंधी कार्य लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में आते हैं। जब इन कार्यों में देरी होती है, तो आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग अपनी जरूरतों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में कलेक्टर का यह कदम पारदर्शी और समयबद्ध प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रत्येक सेवा के लिए एक निश्चित समय-सीमा निर्धारित की गई है। यदि कोई पदाधिकारी उस समय-सीमा के भीतर सेवा प्रदान करने में असमर्थ रहता है, तो उसे इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। अधिनियम में अपील और पुनरीक्षण की भी व्यवस्था है, जिसके तहत पीड़ित नागरिक उच्च अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। जैसिंहनगर के इस मामले में प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए या प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई पूरी की है।

इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य तहसीलों और विकासखंडों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने लंबित आवेदनों का निराकरण तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर यह माना जा रहा है कि कलेक्टर की इस सख्ती से भविष्य में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले आवेदनों के निराकरण में होने वाली देरी पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत नहीं रहेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार ऐसी ही सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।