Wed, 14 Oct 202612:53 PM
Wed, Oct 14, 2026Updated 12:53 PM IST
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गोंडा: चंदवारपुर घाट का पुल पानी में डूबा, 15 साल से इंतजार कर रहे ग्रामीणों की परेशानी बरकरार

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गोंडा, उत्तर प्रदेश। जिले के चंदवारपुर घाट पर पुल के पानी में डूबने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रास्ते पर पानी भर जाने के कारण स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। बच्चे गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उनकी कॉपी-किताबें भीगने और गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।

स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर असर

ग्रामीणों के अनुसार, पुल पर पानी भरने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पानी में फिसलने और गिरने की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि उन्हें शिक्षा हासिल करने के लिए हर दिन जोखिम न उठाना पड़े।

मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि पुल पर पानी भरने से बीमार लोगों और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कत होती है। उनका आरोप है कि समय पर रास्ता नहीं मिलने के कारण कई बार मरीजों को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।

ऐसे में पुल की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का मुद्दा भी बन गई है।

ग्रामीणों का दावा—15 साल से कर रहे इंतजार

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले करीब 15 वर्षों से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि समय-समय पर आश्वासन देते रहे, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

एक ग्रामीण ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले इस रास्ते से गुजरने वाले कुछ नेता अब यहां से आना-जाना छोड़ चुके हैं, जबकि गांव के लोग आज भी इसी परेशानी का सामना कर रहे हैं।

स्थायी समाधान की मांग

चंदवारपुर घाट के ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पुल की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सुरक्षित आवागमन का रास्ता मिलने से स्कूली बच्चों, मरीजों और अन्य ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है।

अब सवाल यह है कि ग्रामीणों को इस समस्या से राहत दिलाने के लिए संबंधित विभाग कब ठोस कदम उठाएगा।

गोंडा से सद्दाम हुसैन की रिपोर्ट।