उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाले पर एक साल और प्रतिबंध, तंबाकू-निकोटिन मिलाकर बेचने वालों पर होगी कार्रवाई


हरिद्वार, उत्तराखंड। उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला तथा अन्य खाद्य उत्पादों पर प्रतिबंध एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। प्रतिबंध के तहत ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक जारी रहेगी।
गढ़वाल के डिप्टी कमिश्नर राजेंद्र रावत ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत राज्य में यह प्रतिबंध हर साल लागू किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में तंबाकू या निकोटिन मिलाकर गुटखा और पान मसाला बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुपारी के साथ निकोटिन मिलाकर बेचने पर भी रोक
राजेंद्र रावत के अनुसार, किसी भी खाद्य पदार्थ में तंबाकू या निकोटिन मिलाकर उसकी बिक्री नहीं की जा सकती। यदि सुपारी में निकोटिन मिलाकर बेचा जाता है, तो वह भी प्रतिबंध के दायरे में आएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सुपारी और निकोटिन को अलग-अलग बेचने पर इस विशेष प्रतिबंध के तहत रोक लागू नहीं होती।
प्रतिबंध लागू कराने के लिए निरीक्षण और निगरानी
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्साधिकारियों और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर निरीक्षण करेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है।
प्रतिबंध की अवधि बढ़ाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर विशेष ध्यान रहेगा। कारोबारियों से नियमों का पालन करने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपेक्षा की गई है।

