हरिद्वार में ‘मामा टीटी गैंग’ का खुलासा, मजदूरों से ठगी के आरोप में पांच गिरफ्तार


हरिद्वार, उत्तराखंड। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों, खासकर मजदूरों को निशाना बनाकर ठगी करने के मामले में जीआरपी पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को टीटी का रिश्तेदार बताकर जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवाने का झांसा देते थे। इसके बाद वे यात्रियों का भरोसा जीतकर उनके मोबाइल, बैग और नकदी पर हाथ साफ करते थे तथा कथित तौर पर बैंक खातों से भी रकम निकाल लेते थे।
30 घंटे के भीतर कार्रवाई का दावा
पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात पश्चिम बंगाल के दो मजदूरों के बैंक खातों से करीब 90,500 रुपये की ठगी की गई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद जीआरपी ने जांच शुरू की और करीब 30 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के अनुसार, आरोपी रेलवे के नियमों और टिकट व्यवस्था से जुड़ी जानकारी देकर यात्रियों को अपने झांसे में लेते थे। इसके बाद वे उनके मोबाइल, पिन कोड, बैग और नकदी तक पहुंच बनाकर कथित वारदात को अंजाम देते थे।
नकदी, मोबाइल और बैग बरामद
एसपी जीआरपी अरुणा भारती के नेतृत्व और सीओ अनुज के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और बैग बरामद किए हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि ठगी से जुड़ी करीब 50 हजार रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजे जाने की जानकारी दी है। मामले में आगे की जांच और ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा
मजदूरों और दूसरे यात्रियों को ठगी से बचाने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई के बाद एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने पुलिस टीम के लिए 2,500 रुपये के इनाम की घोषणा की है।
रेलवे स्टेशन पर यात्रा के दौरान यात्रियों को अनजान लोगों के साथ बैंक संबंधी जानकारी, मोबाइल का पिन या अन्य गोपनीय विवरण साझा करने से बचना चाहिए। टिकट बदलवाने या किसी विशेष कोच में सीट दिलाने के नाम पर पैसे अथवा निजी जानकारी मांगने वालों से सतर्क रहना जरूरी है।

