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Thu, Oct 15, 2026Updated 2:39 PM IST
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कुंभ-2027 की तैयारियों में तेजी, मेलाधिकारी सोनिका ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

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हरिद्वार, उत्तराखंड। महाकुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। बुधवार को मेलाधिकारी सोनिका ने शहर के विभिन्न मार्गों पर चल रहे सड़क सुधार, फुटपाथ निर्माण, सौंदर्यीकरण और पैदल मार्गों के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुरक्षित व सुगम बनाने के निर्देश दिए।

प्रमुख मार्गों पर चल रहे कार्यों का जायजा

मेलाधिकारी ने शंकराचार्य चौक से मालवीय चौक, माया देवी मंदिर से गुजरांवाला चौक, शिवमूर्ति चौक तथा भगत सिंह चौक-बिल्केश्वर से मनसा देवी मार्ग तक चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति देखी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त और बेतरतीब खड़े बिजली के पोल हटाने, अतिक्रमण पर रोक लगाने तथा पैदल यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की बहुस्तरीय निगरानी, रात्रिकालीन शिफ्ट में काम और कार्यस्थलों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने को भी कहा। अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

वहीं, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने खड़खड़ी क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल और पुराने दिल्ली-नीति पास मार्ग पर सड़क एवं फुटपाथ निर्माण कार्यों का जायजा लिया।

निर्माण की गुणवत्ता और कुंभ निधि के इस्तेमाल पर सवाल

महाकुंभ की तैयारियों के बीच निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और कुंभ मेला निधि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों ने मेला कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वहीं, भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं की ओर से भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच या आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है। ऐसे में मेला प्रशासन के सामने निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने के साथ उनकी गुणवत्ता बनाए रखने और सरकारी धन के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने की चुनौती है।

समयसीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर

मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और प्रगति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सड़कों, फुटपाथों, पुलों और पैदल मार्गों को बेहतर बनाना है।

अब इन परियोजनाओं की सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि निर्माण कार्य तय समय पर पूरे होते हैं या नहीं, उनकी गुणवत्ता कैसी रहती है और सार्वजनिक धन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप होता है या नहीं। महाकुंभ-2027 की तैयारियों में समयबद्धता के साथ जवाबदेही और पारदर्शिता भी महत्वपूर्ण रहेंगी।