गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू (निवासी मानस नगर, कोरबा) पुलिस गिरफ्त में।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जाली नोटों का कारोबार करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। सिविल लाइन रामपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नकली नोट बाजार में खपाने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस काम में इस्तेमाल किए जा रहे एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) को भी संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने इनके पास से हजारों रुपए के जाली नोट और उन्हें छापने में प्रयुक्त प्रिंटर बरामद किया है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को 20 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि मानस नगर क्षेत्र का रहने वाला एक किशोर, जो बाजार में खिलौने बेचने का काम करता है, उसके पास ₹200 के कई जाली नोट मौजूद हैं। वह इन्हें स्थानीय बाजारों में चलाकर खपाने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन रामपुर की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुभाष चौक के पास से संदिग्ध किशोर को धर दबोचा।
पूछताछ में खुला मास्टरमाइंड का राज
पुलिस की पूछताछ में किशोर ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसे ये जाली नोट मानस नगर (चौकी सीएसईबी) निवासी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू ने उपलब्ध कराए थे। किशोर ने इनमें से एक नोट बाजार में चलाने का प्रयास किया था, जबकि उसके पास ₹200 के 15 अन्य जाली नोट सुरक्षित रखे हुए थे।
किशोर से मिली इस अहम जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ और पुख्ता साक्ष्यों के मिलने पर आरोपी ने नकली नोट उपलब्ध कराने की बात स्वीकार कर ली।
भारी मात्रा में जाली नोट और प्रिंटर जब्त
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोर के कब्जे से ₹200 के 15 जाली नोट (कुल ₹3,000) बरामद किए। इसके अलावा, विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त प्रिंटर भी गवाहों के समक्ष विधिवत जब्त कर लिया गया है, जिसका उपयोग ये नकली नोट छापने के लिए किया जाता था।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर, नाबालिग किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द
पुलिस ने प्रकरण में कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू (पिता रघु शर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी- मानस नगर, कोरबा) को 20 अक्टूबर 2026 की शाम को गिरफ्तार कर लिया।
धाराएं: आरोपी के विरुद्ध BNS की सुसंगत धाराओं (धारा 179, 180 एवं 3(5)) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रिमांड: आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे 02 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बालक के संबंध में कार्रवाई: कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए विधि से संघर्षरत बालक की पहचान और व्यक्तिगत विवरण को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
कोरबा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और जाली नोटों के प्रचलन को रोकने के लिए लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है, और ऐसे मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

