SECL की तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरे भू-विस्थापित: अंडीकछार महासम्मेलन में उग्र आंदोलन की चेतावनी


साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और स्थानीय प्रशासन की वादाखिलाफी के खिलाफ गुरुवार को ग्राम अंडीकछार में ‘ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति’ के तत्वाधान में एक विशाल महासम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें प्रभावित गांवों सुवाभोड़ी, सिरकी खुर्द, चैनपुर, झाबर और बेलटिकरी के ग्रामीणों, युवाओं व महिलाओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
प्रमुख निर्णय व मांगें:
मुआवजा व रोजगार: सुवाभोड़ी के लंबित मुआवजा, ₹5 लाख की प्रोत्साहन राशि का भुगतान और स्थानीय युवाओं/महिलाओं को रोजगार में प्राथमिकता।
पुनर्वास व बुनियादी सुविधाएं: प्रभावित गांवों को भूमि पट्टा वितरण तथा पक्की सड़क, नाली, पुलिया, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं जल्द दी जाएं।
टेंडर सीमा में बढ़ोतरी: भू-विस्थापितों के लिए टेंडर सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख की जाए और स्थानीय ठेकेदारों से भेदभाव बंद हो।
समिति अध्यक्ष सपुरन कुलदीप का बयान:
“40 साल पहले जमीन देकर देश को रोशन करने वाले किसान आज अपने हक के लिए तरस रहे हैं। SECL का तानाशाही रवैया अब बर्दाश्त नहीं होगा।”
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो SECL प्रबंधन के खिलाफ चरणबद्ध और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

