Sun, 25 Oct 202610:56 PM
Sun, Oct 25, 2026Updated 10:56 PM IST
होम › छत्तीसगढ़

कोरबा में 7 वर्षीय मासूम भव्या हत्याकांड का खुलासा: पुलिस डॉग ‘बाघा’ के सुराग से दबोचा गया दरिंदा, दुष्कर्म के बाद की थी हत्या

WhatsAppFacebookX

News video GIF

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 19 अक्टूबर को हुई 7 वर्षीय मासूम भव्या जोशी की नृशंस हत्या का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस के खोजी डॉग ‘बाघा’ ने ऐसा कमाल दिखाया कि पुलिस सीधे कातिल के घर जा पहुंची। एसपी सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
​जब खाकी के सामने था सबसे कठिन इम्तिहान
​19 अक्टूबर को रजगामार इलाके से अचानक गायब हुई 7 साल की मासूम भव्या जब मृत अवस्था में मिली, तो हर किसी का कलेजा कांप उठा। मासूम के साथ हुई इस बर्बरता ने पूरी इंसानियत को झकझोर दिया था और जांच में जुटे पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम थीं। चुनौतियां बेहद कठिन थीं, लेकिन कोरबा पुलिस ने बिना वक्त गंवाए अपनी पूरी ताकत झोंक दी और दिन-रात एक कर इस अंधे कांड की परतें उधेड़ दीं।
​‘बाघा’ का कमाल: सूंघते हुए सीधे कातिल के ठिकाने पर जा पहुंचा खोजी डॉग
​इस पूरे मामले में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ कोरबा पुलिस का खोजी डॉग ‘बाघा’।
​गुरुवार को जब मरघट की झाड़ियों में बच्ची का अर्धनग्न शव मिला, तो पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी लखन पटले, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, थाना प्रभारी युवराज तिवारी और चौकी प्रभारी विनोद सिंह फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर मुस्तैद थे।
​घटनास्थल से मिले सुरागों को भांपते हुए जांबाज डॉग ‘बाघा’ ने ऐसा ट्रैक पकड़ा कि वह सीधा रजगामार के रावणभाठा इलाके में एक संदिग्ध मकान के अंदर जा घुसा।
​हालांकि उस वक्त घर पर सिर्फ एक महिला मौजूद थी और मुख्य संदिग्ध फरार था, लेकिन बाघा के इस अचूक इनपुट ने पुलिस को अंधेरे में रोशनी की तरह सही दिशा दिखा दी।
​मनोवैज्ञानिक पूछताछ का चक्रव्यूह और कातिल काबुलनामा
​बाघा से मिले पुख्ता सुराग के आधार पर पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया। पुलिस की विशेष टीमों ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान (42 वर्ष) को हिरासत में ले लिया।
​शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने वाला दरिंदा, खाकी की कड़ी और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के चक्रव्यूह के आगे ज्यादा देर टिक नहीं सका। उसने आखिरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि उसने मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद गला दबाकर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी थी।
​दो शादियां और एक नीचता की दास्तान
​पुलिस की गहराई से हुई तफ्तीश में आरोपी की काली करतूतों का चिट्ठा भी खुल गया। मूल रूप से बालको नगर सेक्टर-5 का रहने वाला अजय अपनी पहली पत्नी को छोड़कर रजगामार के रावणभाठा में दूसरी पत्नी के पास अक्सर आता-जाता था। घटना वाले दिन (19 अक्टूबर) भी वह वहीं आया हुआ था, तभी रास्ते में अकेली दिख रही मासूम भव्या को देखकर उसकी हवस जाग उठी और उसने इस अमानवीय घटना को अंजाम दिया।
​इंसानियत और न्याय की जीत
​पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में कोरबा पुलिस ने जिस मुस्तैदी और संवेदनशीलता का परिचय दिया, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि खाकी समाज के रक्षक के रूप में कितनी तत्पर है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद बंधी है, बल्कि समाज के एक अंधेरे सच से पर्दा भी उठ गया है।