दापका (राजा) में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस उत्साह के साथ मनाया गया; भीमगीतों के महामुकाबले से रंगीन हुई रात

बापूराव जमदाडे शिराढोणकर बनाम अंजली घोडके लातूरकर के भीमगीतों के मुकाबले में उमड़ी हजारों नागरिकों की भीड़
दापका (राजा), 20 अक्टूबर 2026। मुखेड तहसील के दापका (राजा) गांव में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस बड़े उत्साह और भीममय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को नागरिकों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। रात में आयोजित भीमगीतों के शानदार मुकाबले ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। यह कार्यक्रम सुबह 4 बजे तक चलता रहा।
पंचशील ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह पूर्व सरपंच तुकाराम वाघमारे के हाथों पंचशील ध्वज फहराकर की गई। इस अवसर पर सिद्धार्थ वाघमारे ने धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के महत्व, भगवान गौतम बुद्ध के धम्म तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के विचारों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया।
भीमगीतों के महामुकाबले ने जीता श्रोताओं का दिल
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रात 9:30 बजे शुरू हुआ भीमगीतों का शानदार मुकाबला रहा। प्रसिद्ध गायक बापूराव जमदाडे शिराढोणकर के गायन दल और गायिका अंजली घोडके लातूरकर के गायन दल के बीच रंगारंग मुकाबला हुआ।
दोनों गायन दलों ने अपनी दमदार प्रस्तुतियों से उपस्थित भीम अनुयायियों और संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया। भीमगीतों के माध्यम से महापुरुषों के विचारों का जागरण किया गया। इस दौरान दोनों गायन दलों पर पुरस्कारों की वर्षा हुई। सुबह 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम में हजारों नागरिकों ने उपस्थित रहकर उत्साहपूर्ण प्रतिसाद दिया।
विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत गणमान्य व्यक्तियों का प्रतिनिधिक स्वरूप में सम्मान किया गया। इनमें पूर्व मुख्याध्यापक प्रल्हाद जोगदंड सर, गजानन बेद्रे, हिप्परगा के पुलिस पाटिल वाघमारे, बीट जमादार अंगद कदम साहब, हौसरे साहब शेलदरकर, जांब बुद्रुक के तुकाराम गायकवाड़ तथा दैनिक समीकरण के नांदेड जिला प्रतिनिधि मनोहर भाऊ यरपुरवाड शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन पवित्रकुमार वाघमारे ने किया। उत्सव समिति की ओर से कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था की गई थी।
उत्सव समिति और युवाओं ने उठाया आयोजन का जिम्मा
इस उत्सव को सफल बनाने के लिए उत्सव समिति के पदाधिकारियों आनंद दगडू गायकवाड, आनंद वाघमारे, राहुल वाघमारे, उद्धव वाघमारे, अशोक दिगंबर वाघमारे, पवन गायकवाड, प्रदीप पोटफोडे, मरीबा वाघमारे तथा बौद्धवाड़ा के युवाओं ने विशेष परिश्रम किया।
कार्यक्रम में दापका (राजा) और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भीमप्रेमी, धम्मसैनिक, बौद्ध समाज के नागरिक तथा अन्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे परिसर में भीमगीतों की गूंज और धम्ममय वातावरण देखने को मिला।
सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और महापुरुषों के विचारों का संदेश देते हुए दापका (राजा) में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस का उत्सव उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।

