Fri, 06 Nov 202610:44 PM
Fri, Nov 6, 2026Updated 10:44 PM IST
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कोरबा में भीषण सड़क हादसा: दो युवाओं की मौत, प्रशासनिक लापरवाही से उजड़े दो परिवार; विहिप जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने उठाई कड़ी आवाज

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कोरबा। तेज रफ्तार, अंधा मोड़, गलत ट्रैफिक डायवर्शन और प्रशासनिक लापरवाही ने बुधवार सुबह एक ऐसा भीषण हादसा पैदा किया, जिसने दो हँसते-खेलते परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। इस दुर्घटना में एक परिवार ने अपनी बेटी को खो दिया, तो दूसरे परिवार का जवान बेटा दुनिया से चला गया।
​कुसमुंडा-गेवरा टीपर मार्ग पर हुई इस दर्दनाक घटना की ज़मीनी और विस्तृत रिपोर्ट नीचे पढ़ें:

​1. जानिए कैसे घटी यह भयावह घटना

​बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे कुसमुंडा-गेवरा टीपर मार्ग पर रेलवे साइडिंग मोड़ के पास यह हादसा हुआ:

​तेज रफ्तार ट्रेलर और अंधा मोड़: गेवरा की तरफ से कोयला लादकर आ रहा एक भारी ट्रेलर (CG 12 AS 3431) बेहद तेज गति से सड़क के बीचों-बीच चल रहा था।
​अचानक ब्रेक लगना: रास्ते में रेलवे साइडिंग का एक ऐसा अंधा मोड़ आया, जो दूर से दिखाई नहीं देता। मोड़ सामने आते ही ट्रेलर चालक ने अचानक जोरदार ब्रेक लगाई और गाड़ी को मोड़ने लगा।
​दुपहिया वाहनों का आपस में टकराना: ट्रेलर को इस तरह अचानक मुड़ता देख उसके पीछे चल रही स्कूटी और सामने से आ रही बाइक के चालक घबरा गए। इसी हड़बड़ाहट में दोनों दुपहिया वाहन आपस में भिड़ गए।
​दो लोगों की मौके पर मौत:
​टक्कर के बाद स्कूटी सवार युवती सड़क के दूसरी तरफ जा गिरी। सीने और चेहरे पर गंभीर चोटें लगने से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
​वहीं, बाइक सवार युवक भारी वाहन के पहियों के नीचे आ गया, जिससे उसका सिर कुचल गया और उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
​चालक का भागना: घटना के तुरंत बाद वाहन का चालक अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया।

​2. मृतकों की पहचान
​सीमा पटेल (पिता: विक्रम पटेल): निवासी दीपका। वह स्कूटी से दीपका से कोरबा की ओर जा रही थीं।
​संजय कुमार (पिता: भागवत सिंह): निवासी भेसमा। वह एक निजी कंपनी में काम करते थे और सुबह अपनी बाइक से कोरबा से दीपका ड्यूटी पर जा रहे थे।
​घटना की सूचना मिलते ही कुसमुंडा पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को ज़ब्त कर लिया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जाँच कर रही है।

​3. हादसे की असली वजह: बिना सूचना के अंडरब्रिज बंद करना
​इस दर्दनाक हादसे के पीछे केवल वाहनों की रफ्तार नहीं, बल्कि प्रशासन और निर्माण कंपनी की बड़ी लापरवाही मुख्य रूप से जिम्मेदार है:
​कुचेना अंडरब्रिज की बंदी: मरम्मत कार्य के चलते गेवरा-दीपका से कोरबा आने-जाने वाले कुचेना अंडरब्रिज को अचानक पूरी तरह बंद कर दिया गया।
​खतरनाक डायवर्शन: हल्के वाहनों (स्कूटी, बाइक और कार) को भारी कोयला टीपरों और ट्रेलरों वाले खतरनाक मार्ग से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
​नियमों की अनदेखी: निर्माण एजेंसी ने आम जनता को बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक सोमवार शाम को मार्ग बंद कर दिया। हालाँकि प्रशासनिक आदेश में केवल भारी वाहनों को डायवर्ट करने और दुपहिया वाहनों को छूट देने की बात थी, लेकिन कंपनी ने सभी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी।

​4. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, किया चक्काजाम
​इस गंभीर लापरवाही से आक्रोशित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बुधवार को कोरबा-कुसमुंडा मार्ग पर प्रेमनगर एनटीपीसी पुल के नीचे चक्काजाम कर दिया।
​जनता का रोष: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अंडरब्रिज निर्माण में भारी गड़बड़ियाँ हैं और केवल नाममात्र के लिए गड्ढे भरे जा रहे हैं।
​अधिकारियों का निरीक्षण: पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। इसके बाद तहसीलदार, निर्माण कंपनी के अधिकारियों, पुलिस और स्थानीय पार्षदों ने मिलकर अंडरब्रिज का मुआयना किया।
​सुधार का आश्वासन: जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को वैकल्पिक मार्ग की बदहाली, धूल, रोज लगने वाले जाम और अंधेरे जैसी समस्याओं से अवगत कराया, जिसके बाद अधिकारियों ने जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया है।

​5. जनहित के सच्चे प्रहरी: विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह का मुखर विरोध
​इस पूरी दुर्घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कोरबा जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने गहरा दुःख और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। हालांकि वह इस घटना के वक्त किसी आवश्यक कार्य से रायपुर में थे, लेकिन क्षेत्र की हर धड़कन और जनता की हर समस्या से उनका जुड़ाव हमेशा गहरा रहा है।
​अमरजीत सिंह एक ऐसे संवेदनशील और संघर्षशील जननेता हैं, जो हमेशा जनता के सुख-दुख में चट्टान की तरह खड़े रहते हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और क्षेत्र की समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने में वे हमेशा सबसे आगे रहते हैं। रायपुर से लौटते ही उन्होंने इस प्रशासनिक लापरवाही और सड़क सुरक्षा के मुद्दों को लेकर एक बड़े आंदोलन की हुंकार भरी है। उनका यह साहसी और अडिग रवैया यह साबित करता है कि वे जनता की आवाज को दबाने नहीं देंगे और दोषियों को कटघरे में खड़ा करके ही दम लेंगे।

​विशेष टिप्पणी:
कुसमुंडा क्षेत्र की यह दुर्घटना केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि खराब ट्रैफिक प्रबंधन और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो ऐसे हादसे बार-बार बेकसूर लोगों की जान लेते रहेंगे।