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Fri, Nov 6, 2026Updated 10:44 PM IST
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बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को लेकर मीडिया कार्यशाला आयोजित 100 दिवसीय कार्य योजनाओं पर हुई चर्चा।

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*बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण : राजेन्द्र शेखावत*

*बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को लेकर मीडिया कार्यशाला आयोजित, 100 दिवसीय कार्ययोजना पर हुई चर्चा*

चूरू, 06 नवंबर। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में महिला अधिकारिता विभाग की ओर से शुक्रवार को जिला कार्यालय में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को लेकर मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में महिला अधिकारिता सहायक निदेशक राजेन्द्र
शेखावत, पीआरओ सूर्यकान्त कुमावत, पीआरओ मनीष कुमार सहित अधिकारियों, कार्मिकों व मीडिया प्रतिनिधियों ने शिरकत की और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन, जन-जागरूकता के प्रसार तथा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर सहायक निदेशक राजेन्द्र शेखावत ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं उनके उज्ज्वल भविष्य में बाधक है। बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रशासन, विभागों, मीडिया एवं आमजन को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में जागरूकता पैदा करने में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय मॉड्यूल के अनुसार विभिन्न जागरूकता गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा बाल विवाह की रोकथाम में नागरिकों की भूमिका के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

पीआरओ सूर्यकान्त कुमावत ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान एवं सर्वांगीण विकास से जुड़ा गंभीर विषय है। इसके उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मीडिया जनमत निर्माण का सशक्त माध्यम है, जो अपनी लेखनी, समाचारों, जनसंवाद एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पीआरओ मनीष कुमार ने मीडिया प्रतिनिधियों से बाल विवाह की घटनाओं की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन, बाल अधिकारों के संरक्षण तथा महिला सशक्तीकरण से जुड़े विषयों को लेकर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने का आह्वान किया तथा उपस्थितों को बाल विवाह मुक्त चूरू एवं बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सक्रिय भागीदारी का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर सुपरवाइजर कृष्णा ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, सखी वन स्टॉप सेंटर, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केन्द्र, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, शिक्षा सेतु योजना, महिला अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी।

कार्यशाला में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने बाल विवाह की रोकथाम एवं महिला-बालिका सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव भी साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि मीडिया के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सकारात्मक जनमत तैयार करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल सकता है।

इस दौरान लेखाधिकारी श्रीरामसिंह, प्रशासनिक अधिकारी अनिल सिहाग, सुपरवाइजर प्रीति, सखी प्रबंधक नीरज कविया, पूनम, हेमंतसिंह, धर्मेन्द्र धायल, भूपेन्द्र सिंह, मंजू, सुमन, शारदा, अंजना गुप्ता सहित मीडिया प्रतिनिधि एवं विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।
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