27 फरवरी 2026, सुबह करीब 8 बजे। गाजियाबाद के लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तिक अपने स्टूडियो में बेफिक्र सोफे पर लेटे थे। तभी दो लोग अंदर आए। सलीम कुछ समझते, उससे पहले दोनों ने चाकुओं से हमला कर दिया। सीने, पेट, कंधे और गले पर 14 बार चाकू मारा। सांस की
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हमलावर इस्लाम के समर्थक थे और निशाना बने सलीम आलोचक। उनके दोस्त और एक्स मुस्लिम समीर कहते हैं, ‘सलीम भाई पर हमले के दो दिन बाद मुझे भी धमकी मिली है। शायद मैं कट्टरपंथियों का अगला निशाना बन सकता हूं। इसीलिए धमकी वाली ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर की। सलीम भाई को भी दो दिन पहले धमकी मिली, फिर अटैक हुआ था।‘

27 फरवरी को गाजियाबाद के लोनी में सलीम वास्तिक पर हुए हमले का CCTV फुटेज।
सलीम या उनके जैसे और लोग इस्लाम छोड़कर एक्स-मुस्लिम क्यों बन गए, ये कौन सा धर्म मानते हैं और क्या करते हैं? दैनिक भास्कर ने समीर से बात कर उनकी और सलीम की कहानी जानी।
पहले सलीम वास्तिक की बात… मौलवी थे, पैसे लेकर दो बार तलाकशुदा औरतों का हलाला कराया सलीम का हाल पूछने पर समीर कहते हैं, ‘अभी ठीक हैं, बोल नहीं पा रहे। उनसे मिलने गया था, तो बस इशारों में बातें कीं।‘
इलाज में और कितना वक्त लगेगा? समीर बोले, ‘4-5 फ्रैक्चर हैं। 3 सर्जरी हो गई हैं, दो बाकी हैं।‘
समीर कहते हैं, ‘सभी एक्स मुस्लिम पहले इस्लाम के समर्थक जरूर रहे होंगे। सलीम भी थे। वे हरियाणा के पानीपत में खेलन गांव में मौलवी थे। वक्फ बोर्ड ने तैनात किया था। 10 साल मजार की देखरेख और झाड़-फूंक करते रहे। 11-11 हजार रुपए लेकर दो तलाकशुदा औरतों का हलाला किया।’
पैसे लेकर हलाला करते हैं? समीर जवाब देते हैं-
हां। पाकिस्तान में तो खुलेआम हलाला सेंटर हैं। फीस दीजिए और मौलवी से तलाक दी पत्नी का हलाला करवाइए। भारत में ये सर्विस खुलेआम नहीं चल रही, लेकिन छिपकर करने वाले एक्टिव हैं।

समीर आगे बताते हैं, ’इस्लाम कहता है कि अगर आपने बीवी को तीन बार तलाक बोल दिया, तो बिना हलाला किए उसके शौहर नहीं बन सकते। बीवी किसी और से निकाह करे, फिर उसके साथ एक रात गुजारे। अगले दिन वो शख्स महिला को तलाक दे देगा, तभी उससे दोबारा निकाह कर सकते हैं।’
‘मौलवी और हाफिज इस मौके को भुनाते हैं। पैसा लेते हैं, दूसरे की बीवी से फिजिकल भी होते हैं। आप पूछ रही थीं न कि किस चीज ने उन्हें ट्रिगर किया। ये हलाला ही था, जिसने सलीम भाई को इस्लाम का आलोचक बना दिया। उन्होंने इस्लाम छोड़ दिया।’

हमले के बाद सलीम दिल्ली के मैक्स अस्पताल में ICU में भर्ती हैं। अभी उनकी दो सर्जरी होनी बाकी है।
‘मौलवी कहते हैं- कुरान बस पढ़ो, समझो मत’ समीर कहते हैं, ‘सलीम भाई ने 12 साल पहले इस्लाम छोड़ा। उन्होंने कुरान और हदीस ट्रांसलेशन के साथ पढ़ी है। मैं ट्रांसलेशन के साथ किताबें पढ़ने को इसीलिए बोलता हूं, ताकि मतलब समझ आए। मौलवी हमेशा कुरान, हदीस बिना ट्रांसलेशन पढ़ने की हिदायत देते हैं। कहते हैं जिस भाषा में लिखी है, उसी में पढ़ो, समझने की जरूरत नहीं।‘
‘सर्वे कर लीजिए, जिसने भी इस्लाम छोड़ा, उसने ये किताबें ट्रांसलेशन के साथ पढ़ी होंगी, क्योंकि जैसे ही मतलब समझ आता है, इस्लाम की सच्चाई सामने आ जाती है। यही सलीम भाई और मेरे साथ हुआ।‘

गाजियाबाद के लोनी में ये सलीम वास्तिक का घर है। छत पर तिरंगा लहरा रहा है।
हमले से पहले क्या सलीम ने इस्लाम पर कुछ कहा था? जवाब में समीर कहते हैं, ‘हमले के दो दिन पहले सलीम ने पैगंबर मोहम्मद और कुरान पर पॉडकास्ट किया था। इसके ऑन एयर होने के कुछ घंटों बाद पाकिस्तानी यूट्यूबर मोहम्मद हमाद बरकती ने वीडियो जारी किया। उसने हत्या की धमकी दी। फिर गाजियाबाद में सलीम के लोनी वाले ऑफिस और घर का पता पब्लिक कर दिया।‘
‘हमाद बरकती ग्रुप ने हमले के तुरंत बाद इसकी पुष्टि की और कहा कि काम हो गया, किसी को पूरा वीडियो चाहिए तो बताओ।‘
पॉडकास्ट में क्या था? सलीम बताते हैं, ‘पैगंबर मोहम्मद और कुरान पर कमेंट किया था।‘

अब समीर की कहानी… अपनी कहानी सुनाने से पहले समीर कहते हैं, ‘साफ कर दूं, इस्लाम कोई धर्म नहीं। ये रीलिजियस लॉ है। मैं जिस देश में रहता हूं, वहां संविधान है। इसलिए वही मेरा लॉ है। मैं किसी और कानून को क्यों मानूं। मुझे नमाज पढ़ने, हज और जकात (दान) करने वाले मुसलमानों से दिक्कत नहीं।‘
‘इस्लाम कहता है कि अगर दीन-ए-इस्लाम में हो, तो ये करना होगा। कुरान और हदीस दोनों कहते हैं कि इस्लाम मानना है। दूसरे धर्म वालों को इस्लाम में कन्वर्ट करना सच्चे मुसलमान का धर्म है।’
क्या इस्लाम में धर्म परिवर्तन का आदेश भी है?, ‘हां, कुरान में कहा गया है कि इस्लाम सबसे बेहतरीन उम्मत यानी कौम है। इससे बाहर वाले खराब कौम में हैं, इसलिए सबको कन्वर्ट करो।‘

सलीम वास्तिक के दोस्त समीर भी एक्स मुस्लिम हैं। उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है।
धर्म परिवर्तन कैसे कराया जाता है, समीर 3 पॉइंट में बताते हैं…
1. दावत: दूसरे धर्म वालों को दावत दो, उन्हें कन्वर्ट करो। 2. टैक्स: कन्वर्ट न हों, तो ताकत का इस्तेमाल करो, काफिरों से टैक्स या जजिया लो। 3. जंग लड़ो, मारो या गुलाम बनाओ: टैक्स भी न दें, तो जंग करो। उन्हें खत्म करो या उनकी प्रॉपर्टी लो। औरतोंं, बच्चों को गुलाम बनाओ, ये तुम्हारे युद्ध बंदी हैं।
मुंह बोली बहन और दोस्त को इस्लाम कबूल करवाया समीर बताते हैं, ‘दसवीं में तबलीगी जमात से जुड़ा। धीरे-धीरे वहां ज्यादा जाने लगा। इस्लाम को इतना मानने लगा कि दाढ़ी बढ़ा ली, टोपी और अरबियों की तरह सफेद लिबास पहनता। मैं मॉडर्न मुस्लिम फैमिली से था, लेकिन कट्टर मुस्लिम बन चुका था। मां बुर्का नहीं पहनती थीं, लेकिन मैं उन्हें बिना बुर्का पहने बाहर नहीं जाने देता था। मोबाइल-टीवी को हराम मानता था। अजान के वक्त कोई नमाज पर न जाए, तो हंगामा कर देता था।‘
‘मैंने अपने दोस्त कपिल और मुंह बोली बहन जया का धर्म बदलवाया। इससे मेरा हौसला इतना बढ़ गया कि लगा ये करना बहुत आसान है। मैंने धर्म परिवर्तन का काम चुना था, तो कुरान, हदीस और पैगंबरों को पढ़ने लगा। अच्छा यही हुआ कि सब ट्रांसलेशन के साथ पढ़ा, इसलिए इस्लाम की सच्चाई जान गया।‘

पहली बार एतबार कब उठा? समीर बताते हैं, ‘हजरत मोहम्मद साहेब और दूसरे पैगंबरों के साथ बंदियों का जिक्र बार-बार मिलता है। मैंने तबलीगी जमात के मौलवी से पूछा कि बंदी क्या होता है। जवाब मिला- घर में काम करने वाली नौकरानी बंदी है। कुरान पढ़ी तो पता चला कि बंदी युद्ध में कैद की गई औरतें हैं। कुरान में इनके साथ संबंध बनाने और बाजार में बेचने का हुक्म दिया गया है।’
’कुरान में कहा गया है कि शौहर वाली औरतें, मुसलमान मर्द के लिए हराम हैं। फिर वही कुरान कहती है कि युद्ध में बंदी बनाई गईं औरतें चाहे शौहर वाली हों या बिना शौहर वाली, उनके साथ जो चाहो वो करो। चाहे फिजिकल रिलेशन बनाओ या मंडी में बेच दो।’
‘दाढ़ी कटवाई और इस्लामी लिबास उतारा, तो डराया गया’ समीर कहते हैं, ‘2014 से 2018 तक मैंने बहुत स्टडी की। 300-400 लोगों से मिला, ताकि हर सवाल का जवाब मिल सके। किसी ने भगाया, कोई बोला कि तुम्हें शैतान ने बहका दिया है। मुझे समझ आ गया कि जो मैं समझा हूं, इस्लाम वही है, इसलिए छोड़ दिया। इस्लाम छोड़ते ही सबसे पहले दाढ़ी कटवाई, सुरमा हटाया। जींस-टीशर्ट पर आ गया। मैं अब आम इंसान हूं, यही मेरी पहचान और स्टेटस है।‘

‘मैंने रुड़की में घर छोड़ दिया और दिल्ली आ गया। फिर भारत ही नहीं, पाकिस्तान से भी कट्टरपंथियों की धमकियां मिलने लगी। 2022 में एक्स मुस्लिम समीर नाम से यूट्यूब चैनल बनाया। अब भी धमकियां मिलती हैं। रुड़की में मुझ पर 10 लाख का इनाम है।‘
जिन्हें कन्वर्ट किया था, कभी उनसे दोबारा मिले? समीर बताते हैं, ‘जया हिंदू धर्म में लौट आई है, लेकिन कपिल नहीं मिला। अगर वो मिला तो उससे माफी मांगूगा और दोबारा हिंदू बनाऊंगा।’
कट्टरपंथियों का अगला निशाना मैं हूं… समीर जान का खतरा बताते हुए कहते हैं, ‘दो ग्रुप हम जैसे एक्स-मुस्लिम की सुपारी लेते हैं। सलीम भाई को मारने के लिए भी पब्लिकली इसी ग्रुप को कहा गया था। उनका एड्रेस पब्लिक किया गया। दोनों ग्रुप में मेरे बारे में जानकारी शेयर की गई है। अगला निशाना मैं ही हूं।‘
ये दो ग्रुप हैं:
1. मुस्लिम आर्मी ऑफिशियल मेहंदी 2. अल सैयद आर्मी
सलीम की तरह पहले भी शिकार हुए लोग समीर ने बताया, ’2017 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में एच. फारुख की हत्या हुई। ये चर्चित केस है। इसके बाद भी कई हत्याएं हुईं। मेरे पास 2017 से लेकर अब तक 40 लोगों के मर्डर की लिस्ट है लेकिन ये मामले हाईलाइट नहीं होते। प्रशासन ज्यादातर मामलों में दूसरी वजहे बताकर पल्ला झाड़ लेता है।’

मुस्लिम क्यों छोड़ रहे इस्लाम केरल में ‘एक्स मुस्लिम ऑफ केरल‘ संगठन के कोफाउंडर आरिफ थिरुवट इस्लाम छोड़ने की कई वजहें बताते हैं। वे कहते हैं, ‘सबसे बड़ी बुराई गुलाम प्रथा है। कुरान में साफ कहा गया है कि जो मुसलमान नहीं, वो गुलाम है। इसमें औरतों से नफरत करना सिखाते हैं। उन्हें कमतर माना जाता है। मुसलमान रहते हुए मैं भी अपनी वाइफ से ऐसा बर्ताव करता था।‘
आरिफ का दावा है कि केरल में हर 4 में से एक व्यक्ति एक्स मुस्लिम हैं। वे कहते हैं कि ये सिर्फ मेरा दावा नहीं, डेटा है कि यहां मुसलमानों की 30% आबादी इस्लाम छोड़ चुकी है। …………………..
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