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3 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

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गर्मियों में घर को ठंडा रखना चैलेंजिंग होता है। हाई टेम्परेचर से छत और दीवारें गर्म हो जाती हैं। इससे ज्यादा गर्मी लगती है और थोड़ी देर भी रहना मुश्किल हो जाता है। लेकिन हर किसी के लिए एसी लगाना और उसे लगातार चलाना संभव नहीं होता है, क्योंकि इससे बिजली का बिल बढ़ता है।

हालांकि कुछ ऐसे आसान और देसी तरीके हैं, जो घर को नेचुरली ठंडा रखने में मदद करते हैं।

आज जरूरत की खबर में हम इस बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • कैसे घर को नेचुरली ठंडा रखें?
  • घर में हीट जनरेशन को रोकने के लिए क्या करें?

एक्सपर्ट- प्रमोद कुमार मौर्य, चार्टर्ड इंजीनियर (आर्किटेक्ट), लखनऊ

डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- गर्मी में घर में सबसे ज्यादा हीट कहां से और कैसे आती है?

जवाब- इस मौसम में बाहर की गर्म हवा और हाई टेम्परेचर के प्रभाव से घर का तापमान बढ़ जाता है। इसके कई साेर्स हैं-

  • खुली छत
  • पतली दीवारें
  • खुली खिड़कियां और दरवाजे
  • वेंटिलेशन की कमी
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल
  • पेड़ पौधे की कमी

सवाल- क्या अलग–अलग तरह के घर (फ्लैट, इंडिपेंडेंट हाउस) में हीटिंग का तरीका अलग होता है?

जवाब- आर्किटेक्ट प्रमोद कुमार मौर्य बताते हैं कि यह घर की लोकेशन, स्ट्रक्चर, और एयर फ्लो पर निर्भर करता है। पॉइंटर्स से समझिए-

1. फ्लैट

टॉप फ्लोर फ्लैट

  • सबसे ज्यादा गर्म होते हैं, क्योंकि सीधे छत से हीट आती है।

मिड फ्लोर फ्लैट

  • ऊपर-नीचे फ्लैट होने से हीट कम आती है।

साइड फ्लैट

  • अगर पश्चिम या दक्षिण की ओर है तो दीवारों से ज्यादा गर्मी आती है।

2. इंडिपेंडेंट हाउस

  • हर दिशा (छत, दीवारें, खिड़कियां) से हीट आ सकती है।

ग्राउंड फ्लोर

  • जमीन से थोड़ी ठंडक मिलती है, इसलिए ऊपरी फ्लोर की तुलना में कम गर्म होता है।

ऊपरी मंजिल

  • टॉप फ्लोर की वजह से ज्यादा गर्म होता है।

3. बिल्डिंग का मटेरियल और डिजाइन

  • कंक्रीट के घर ज्यादा गर्मी स्टोर करते हैं।
  • पुराने मिट्टी या पत्थर के घर कंक्रीट की तुलना में ठंडे रहते हैं। इनमें नेचुरल इंसुलेशन होता है।

4. आसपास का माहौल

  • आसपास ज्यादा बिल्डिंगों वाले एरिया में हीट ट्रैप होती है।
  • खुले, हरे-भरे एरिया के घर कम गर्म होते हैं।

सवाल- इनडोर और आउटडोर टेम्परेचर में कितना फर्क हो सकता है?

जवाब- इनडोर और आउटडोर तापमान में फर्क आमतौर पर 2 से 10°C तक हो सकता है। यह पूरी तरह घर की बनावट, वेंटिलेशन और कूलिंग उपायों पर निर्भर करता है।

सवाल- ‘ग्रीनहाउस इफेक्ट’ घर के अंदर कैसे काम करता है?

जवाब- घर के अंदर ‘ग्रीनहाउस इफेक्ट’ का मतलब है कि खिड़कियों की कांच से धूप अंदर तो आती है, लेकिन अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे कमरा ‘हीट ट्रैप’ बन जाता है। इसके असर से-

  • कमरे का तापमान तेजी से बढ़ता है।
  • शाम के बाद भी गर्मी बनी रहती है।
  • एसी/कूलिंग की जरूरत बढ़ जाती है।

सवाल- क्या गर्मियों में कूलर, एसी के बिना भी घर को ठंडा रखा जा सकता है?

जवाब- हां, बिल्कुल। इसके लिए नेचुरल तरीके अपनाने होेंगे। ये नेचुरल तरीके मुख्य रूप से तीन काम करते हैं-

  • हीट को अंदर आने से रोकते हैं।
  • अंदर की गर्मी को कम करते हैं।
  • हवा का सही फ्लो बनाए रखते हैं।

इससे घर के अंदर की गर्मी कम होती है और बिना AC के भी घर ठंडा रहता है।

सवाल- ये नेचुरल तरीके क्या हो सकते हैं?

जवाब- इसके लिए हीट को अंदर आने से रोकना और जो गर्मी अंदर है, उसे बाहर निकालना जरूरी है। ग्राफिक में इसके आसान तरीके देखिए-

सवाल- घर में हीट जनरेशन को रोकने के लिए क्या करें?

जवाब- घर में हीट कम करने के लिए-

  • दिन में कुकिंग कम करें।
  • LED बल्ब इस्तेमाल करें।
  • इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कम यूज करें।
  • दोपहर में खिड़कियां-पर्दे बंद रखें।

इससे अंदर बनने वाली गर्मी काफी हद तक कंट्रोल रहती है।

सवाल– क्रॉस वेंटिलेशन क्या होता है? क्या हवा का सही फ्लो (एयर सर्कुलेशन) न होने से गर्मी बढ़ती है?

जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • क्रॉस वेंटिलेशन का मतलब घर में हवा के आने और निकलने का सीधा रास्ता बनाना।
  • जब एक तरफ से खिड़की या दरवाजा खुला हो और सामने या दूसरी दिशा में भी ओपनिंग हो तो हवा एक तरफ से अंदर आती है और दूसरी तरफ से बाहर निकलती है।
  • इससे लगातार एयर सर्कुलेशन बना रहता है।
  • अगर हवा का सही फ्लो नहीं होता तो गर्म हवा कमरे में ट्रैप हो जाती है और गर्मी बढ़ती है।

सवाल- घर के अंदर तापमान ज्यादा होने से किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं?

जवाब- तापमान ज्यादा बढ़ने पर कई फिजिकल और मेंटल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। डिटेल ग्राफिक में देखें–

सवाल- क्या घर को ठंडा रखने में पौधे भी मदद करते हैं?

जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • पौधे अपनी पत्तियों से पानी छोड़ते हैं, जिससे आसपास की हवा थोड़ी ठंडी हो जाती है।
  • बालकनी या खिड़की पर रखे पौधे दीवारों और कांच पर सीधी धूप को रोकते हैं, जिससे अंदर कम गर्मी पहुंचती है।
  • बड़े पौधे या वर्टिकल ग्रीनरी नेचुरल ‘हीट बैरियर’ की तरह काम करते हैं। इससे घर का तापमान कुछ हद तक कम रखा जा सकता है।

सवाल- कौन से पौधे घर को ठंडा रखते हैं?

जवाब- कुछ इनडोर पौधे घर को नेचुरली ठंडा रखने में मदद करते हैं। ग्राफिक में ऐसे पौधों की लिस्ट देखिए-

सवाल- घर की छत पर गार्डन बनाने से घर कैसे ठंडा रहता है?

जवाब- इसके साइंस को नीचे पॉइंटर्स में समझिए–

  • मिट्टी और पौधे छत पर एक इंसुलेशन लेयर बना देते हैं, जो सूरज की गर्मी को सीधे छत तक पहुंचने से रोकती है।
  • यह कंक्रीट के हीट एब्जॉर्प्शन को घटाते हैं। इससे तेज धूप में भी कम गर्मी जमा होती है और सूर्यास्त के बाद घर जल्दी ठंडा हो जाता है।

सवाल- क्या हमारी रोजमर्रा की आदतें भी घर के तापमान को बढ़ा सकती हैं?

जवाब- हां, डेली लाइफ के कुछ काम घर का तापमान बढ़ा सकते हैं। जैसेकि-

  • दिन में बार-बार गैस चलाना।
  • ओवन या माइक्रोवेव चलाना।
  • ज्यादा हीट देने वाले उपकरण यूज करना।
  • खिड़कियां-पर्दे खुले छोड़ना।

घर को नेचुरली ठंडा रखने के सवाल और उससे जुड़े जवाब

सवाल- क्या इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों से घर का टेम्परेचर बढ़ता है?

जवाब- हां, ये सामान हीट जनरेट करते हैं। इससे घर का टेम्परेचर बढ़ता है।

सवाल- क्या गैस स्टोव से भी घर के अंदर का टेम्परेचर बढ़ता है?

जवाब- हां, यह काफी गर्मी पैदा करता है।

सवाल- सीलिंग फैन का सही उपयोग कैसे करें कि ज्यादा कूलिंग मिले?

जवाब- फैन को एंटी-क्लॉकवाइज (स्पीड तेज) चलाएं, ताकि ठंडी हवा नीचे आए।

सवाल- क्या एग्जॉस्ट फैन या किचन चिमनी गर्मी कम करने में मदद करते हैं?

जवाब- हां, ये गर्म और भाप वाली हवा को बाहर निकालकर घर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।

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