Tamil Nadu Election 2026; DMK Vs AIADMK BJP Alliance | MK Stalin Vijay

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तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। सरकार बनाने के लिए 118 सीटें चाहिए। मुकाबला DMK और AIADMK के बीच है। एक तरफ CM एमके स्टालिन का द्रविड़ियन मॉडल और उनकी पॉपुलर योजनाएं हैं, दूसरी तरफ जयललिता की विरासत संभाल रही AIADMK और हिंदुत्व

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20 दिन की चुनावी कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर की टीम नॉर्थ तमिलनाडु में चेन्नई और वेल्लोर, वेस्ट में तिरुपुर, साउथ में मदुरै, रामनाथपुरम और सेंट्रल रीजन में त्रिची पहुंची। आम लोगों, सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट के जरिए ये 3 बातें समझ आईं…

1. तमिलनाडु में स्टालिन सरकार की वापसी हो सकती है। DMK गठबंधन को 120 से 140 सीटें मिल सकती हैं। इनमें DMK को 100 से 110, कांग्रेस को 10 से 15 और गठबंधन की बाकी पार्टियों को भी 10 से 15 सीटें मिल सकती हैं।

  • 2021 का रिजल्ट: DMK को 133 और कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। गठबंधन ने 159 सीटें जीती थीं। DMK ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया था।

2. दूसरी बड़ी पार्टी AIADMK के गठबंधन को 90 से 100 सीटें मिलने के आसार हैं। AIADMK को 70 से 80 सीटें मिल सकती हैं। 27 सीटों पर लड़ रही BJP का खाता खुलना मुश्किल है, लेकिन पार्टी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, तो 5 तक सीटें मिल सकती हैं। कोयंबटूर साउथ, तिरुनेलवेली, नागरकोइल, मोडाकुरिची और कारैकुडी सीट पर जीत के ज्यादा चांस हैं। गठबंधन की बाकी पार्टियों को 5 से 10 सीटें मिल सकती हैं।

  • 2021 का रिजल्ट: AIADMK ने 66 और BJP ने 4 सीटें जीती थीं। गठबंधन को सिर्फ 75 सीटें मिली थीं।

3. तमिल फिल्मों से सुपरस्टार थलापति विजय की नई पार्टी TVK की एंट्री फीकी दिख रही है। पार्टी को 5 से 15 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, पार्टी का वोट शेयर 12% रह सकता है।

  • 2021 का रिजल्ट: TVK पहली बार चुनाव लड़ रही है। पिछली बार एक्टर सीमान की पार्टी नाम तमिलर काची (NTK) और कमल हासन की मक्कल नीधि मय्यम (MNM) का खाता नहीं खुला था।

स्टालिन की वापसी की वजहें

मजबूत गठबंधन, महिलाओं में पॉपुलर योजनाएं और स्टालिन की इमेज

  • गठबंधन: स्टालिन ने सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस को चुनाव के पहले मजबूत किया। गठबंधन को मैनेज करना उनकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। स्थानीय और जातियों वाली पार्टियों को साथ लाए।
  • योजनाएं: कलैगनार मगलिर उरीमाई थोगाई योजना के तहत हर महिला को एक हजार रुपए महीने दिए गए। ये पैसा करीब 1 करोड़ महिलाओं को मिला। सरकारी बसों में महिलाओं के लिए फ्री सफर बड़ा फैक्टर है।
  • सरकारी स्कूल से पढ़कर कॉलेज में जाने वाली लड़कियों को हर महीने एक हजार रुपए दिए गए। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग, लाइब्रेरी, रीडिंग रूम, स्कॉलरशिप प्रोग्राम चलाए। इनका फायदा लेने वाले युवा फर्स्ट टाइम वोटर हैं। तमिलनाडु में करीब 12.51 लाख युवा पहली बार वोट डालेंगे।
  • इकलौती कमजोरी: गठबंधन की कमजोरी कांग्रेस है। उसे 28 सीटें मिली हैं। पार्टी के स्टार प्रचारक राज्य में कम ही एक्टिव रहे। कांग्रेस ने प्रचार का पूरा जिम्मा DMK को सौंप दिया।

AIADMK-BJP क्यों पीछे

AIADMK में झगड़ा, हिंदुत्व कार्ड का फेल होना, स्टालिन को घेर नहीं पाए

  • गुटबाजी: पूर्व CM जयललिता की मौत के बाद से AIADMK में लीडरशिप का संकट रहा है। दो बड़े लीडर पलानीस्वामी और पन्नीरसेल्वम के बीच झगड़ा रहा। इससे पार्टी समर्थकों और वोटर्स को साफ नेतृत्व नहीं दिखता।
  • स्टालिन के खिलाफ मुद्दा नहीं: AIADMK और BJP स्टालिन सरकार के खिलाफ बड़े मुद्दे और नैरेटिव तैयार नहीं कर सके। 2021 के बाद लोकसभा से लेकर स्थानीय चुनाव तक DMK ने ही जीते हैं। AIADMK भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और महंगाई जैसे मुद्दे उठा रही है, लेकिन इनका असर नहीं दिखता।
  • हिंदुत्व कार्ड बेअसर: BJP ने तमिलनाडु में तिरुपरनकुंद्रम के दरगाह विवाद के जरिए हिंदुत्व कार्ड खेला है। पूरी मशीनरी प्रचार में उतरी, लेकिन इसका टेस्ट बाकी है। हिंदुत्व का मुद्दा तमिलनाडु की द्रविड़ पॉलिटिक्स में काम नहीं करता।
  • BJP का कमजोर होना: AIADMK पश्चिम और दक्षिण तमिलनाडु में ज्यादा मजबूत है। 140 सीटों वाले सेंट्रल, नॉर्थ और डेल्टा रीजन में विपक्षी गठबंधन कमजोर है। खासकर BJP इन इलाकों में बिल्कुल भी नहीं है। पार्टी के अंदर फूट भी दिखी। उसने फायरब्रांड नेता अन्नामलाई को अध्यक्ष पद से हटाया, फिर चुनाव में कोई जिम्मेदारी नहीं दी। BJP का कैडर मानता है कि AIADMK के दबाव में ऐसा किया गया। अन्नामलाई लगातार AIADMK के बड़े नेताओं के खिलाफ बयान दे रहे थे।

थलापति विजय का किंगमेकर बनना क्यों मुश्किल

  • पार्टी स्ट्रक्चर नहीं: थलापति विजय ने 2024 में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) पार्टी बनाई थी। उन्होंने सभी 234 सीटों पर कैंडिडेट उतारे हैं। तमिलनाडु में लोग पार्टी के दूसरे नेताओं को न जानते हैं और न ही दूसरे नेताओं की कोई अहमियत है। ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी हैं या पार्टी छोड़कर आए हैं। पार्टी का स्ट्रक्चर तैयार नहीं हो पाया। TVK को जो भी हासिल होगा, सिर्फ विजय के स्टारडम पर होगा।
  • गठबंधन के बिना बेअसर: विजय की फिल्में देखकर तमिलनाडु की एक पूरी पीढ़ी बड़ी हुई है। यही पीढ़ी फर्स्ट और सेकेंड टाइम वोटर है। तमिलनाडु के 20 से 25% वोटों पर विजय का सीधा असर है। उनकी पार्टी 12% वोट हासिल कर सकती है। अगर TVK को 20 से ज्यादा सीटें मिलती हैं और किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है, तो विजय किंगमेकर बन सकते हैं। AIADMK और BJP स्टालिन को हराने के लिए विजय पर दांव खेल सकते हैं।
  • पुरानी राजनीति: विजय के पहले कमल हासन और रजनीकांत जैसे सुपरस्टार राजनीति में आए, लेकिन कुछ खास नहीं कर पाए। विजय न मीडिया से बात करते हैं, न इंटरव्यू देते हैं। उसी द्रविड़ राजनीति की बात करते हैं, जिस पर पेरियार, अन्नादुरै, करुणानिधि और जयललिता और अब स्टालिन काम कर रहे हैं। वे स्टालिन सरकार की खामियों पर बात करते हैं, लेकिन BJP और AIADMK के विरोध में उतने तीखे अंदाज में बात नहीं करते।

एक्सपर्ट्स की राय स्टालिन ने चुनाव को तमिलनाडु Vs दिल्ली बनाया

  • डी. सुरेश, जर्नलिस्ट: तमिलनाडु में 4 ध्रुवीय चुनाव है। DMK और AIADMK के अलावा तीसरा फ्रंट एक्टर सीमान की NTK पार्टी है। उनके पास 8% वोट है। चौथा मोर्चा विजय के नेतृत्व में बना है। DMK इस चुनाव को तमिलनाडु Vs दिल्ली के तौर पर पेश कर रही है।
  • राहुल, जर्नलिस्ट: तमिलनाडु में नौकरी, रोजगार, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर मुद्दा है, लेकिन विपक्ष इन्हें नैरेटिव के तौर पर सेट नहीं कर पाया। करप्शन को मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन कोई केस उजागर नहीं कर पाए। जमीन पर BJP की हवा ही नहीं है।

…………………………. तमिलनाडु से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए…

लोग बोले- हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां

भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्‍डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है। यहां के लोग तमिल भाषा को लेकर इमोशनल हैं। चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ पढ़िए पूरी खबर…



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