आलीराजपुर: मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झूमाझटकी, इस्तीफे की मांग पर हुआ प्रदर्शन

आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच उस समय झूमाझटकी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला लेकर शहर के टॉकीज चौराहे पर नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके कारण यह विरोध प्रदर्शन किया गया। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस झूमाझटकी से क्षेत्र में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया था।
मिली जानकारी के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को आलीराजपुर शहर के प्रमुख टॉकीज चौराहे पर आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओम राठौड़ ने किया। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक टॉकीज चौराहे पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लगातार नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सबसे नाटकीय घटनाक्रम तब देखने को मिला जब कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतले के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया, वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस का कहना था कि कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए पुतले को इस तरह से नहीं ले जाया जा सकता। इसके बाद पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे झूमाझटकी में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि बाद में अन्य अधिकारियों और नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
इस प्रदर्शन को लेकर आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूरी तरह से निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। महेश पटेल ने स्पष्ट किया कि जब तक चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान और निष्पक्ष रुख नहीं अपनाता, तब तक ऐसे विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से अपने पद से इस्तीफा देने की मांग दोहराई, ताकि आयोग की साख को बचाया जा सके।
वहीं, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओम राठौड़ ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। ओम राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने बताया कि आलीराजपुर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में लोगों की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गहरी आस्था होती है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने इस आस्था को ठेस पहुंचाई है। ओम राठौड़ ने कहा कि चुनाव आयोग को ऐसी कोई भी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए जिससे किसी विशेष राजनीतिक दल को लाभ या हानि हो। उन्होंने पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने और पुतले को लेकर हुई झूमाझटकी पर भी असंतोष व्यक्त किया, यह कहते हुए कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
आलीराजपुर जिला मुख्यालय पर हुए इस प्रदर्शन से शहर के टॉकीज चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के जमा होने से आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को भांपते हुए पहले से ही सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी थी। झूमाझटकी की स्थिति उत्पन्न होने पर अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर बुलाया गया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा समय-समय पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। आलीराजपुर में कांग्रेस द्वारा किया गया यह प्रदर्शन इसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया गया। महेश पटेल और ओम राठौड़ जैसे स्थानीय नेताओं की सक्रियता से यह प्रदर्शन काफी मुखर रहा। हालांकि, इस पूरे मामले में चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने इस झूमाझटकी के संबंध में कोई औपचारिक मामला दर्ज किया है या नहीं। फिलहाल, आलीराजपुर में इस प्रदर्शन के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भविष्य में भी ऐसे ही विरोध कार्यक्रम जारी रखने का संकेत दिया है।

