अबोहर: 5 साल की बच्ची की सौतेली मां की मारपीट से बठिंडा एम्स में मौत, आरोपित गिरफ्तार; पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया

पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर क्षेत्र से एक बेहद ही दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के पक्का सीड फार्म इलाके में महज पांच वर्ष की एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस बच्ची ने बठिंडा स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। घटना की गंभीरता को देखते हुए अबोहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक बच्ची की सौतेली मां अक्को बाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटनाक्रम 30 सितंबर को हुई मारपीट से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि 30 सितंबर के दिन पांच वर्षीय बच्ची के साथ उसके घर में ही मारपीट की गई थी। इस मारपीट में बच्ची को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद जब बच्ची की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा, तो उसे बेहतर इलाज के लिए बठिंडा के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बठिंडा एम्स में डॉक्टरों की टीम ने बच्ची को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण मासूम जिंदगी की जंग हार गई और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
बच्ची की मौत की खबर मिलते ही अबोहर के पक्का सीड फार्म क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश भी देखा गया कि आखिर कैसे एक पांच साल की मासूम बच्ची के साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की जा सकती है। घटना की सूचना मिलने पर अबोहर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस का शक बच्ची की सौतेली मां अक्को बाई पर गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर अक्को बाई को मुख्य आरोपित मानते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
अबोहर पुलिस ने इस मामले में बेहद सख्ती दिखाते हुए आरोपित सौतेली मां अक्को बाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पहले यह मामला मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं में दर्ज किया गया था, लेकिन बठिंडा एम्स में बच्ची की मौत होने के बाद पुलिस ने धाराओं को बदलकर इसे हत्या के मामले में तब्दील कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य मेडिकल दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है, ताकि मौत के सही कारणों का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके।
यह घटना समाज में बच्चों की सुरक्षा और सौतेलेपन के रिश्तों में होने वाले उत्पीड़न जैसे गंभीर विषयों पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। पांच साल की उम्र वह होती है जब बच्चे दुनिया को समझना शुरू करते हैं, लेकिन इस मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। पक्का सीड फार्म के स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपित सौतेली मां को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए एक सख्त संदेश जा सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार में बच्ची के साथ पहले भी व्यवहार ठीक नहीं रहता था, हालांकि इस बात की पुष्टि अभी पुलिस जांच का विषय है।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है जो आरोपित अक्को बाई से गहन पूछताछ कर रही है। पूछताछ में यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि 30 सितंबर को हुई मारपीट की असल वजह क्या थी और क्या इस घटना में किसी और व्यक्ति की भी संलिप्तता है या नहीं। पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। बच्ची के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
वहीं, बठिंडा एम्स के चिकित्सकों ने भी बच्ची की गंभीर हालत को लेकर अपने मेडिकल अवलोकन पुलिस को सौंपे हैं, जिसमें चोटों की प्रकृति का विवरण शामिल है। यह मेडिकल रिपोर्ट इस हत्या के मामले में सबसे अहम सबूतों में से एक मानी जा रही है। अबोहर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून अपना काम करेगा और दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, आरोपित अक्को बाई को पुलिस हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया जाएगा और उससे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे फाजिल्का जिले को झकझोर कर रख दिया है। लोग सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि छोटे बच्चों के प्रति हिंसा के ऐसे मामलों में प्रशासन को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। अबोहर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को अपने आसपास बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या मारपीट की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि समय रहते किसी मासूम की जान बचाई जा सके। फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

