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Thu, Oct 8, 2026Updated 1:48 PM IST
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अंबिकापुर: स्कूटी पर निकले डिप्टी सीएम अरुण साव ने सड़कों और साफ-सफाई का लिया जायजा, जल-जीवन मिशन में कांग्रेस पर लगाया लापरवाही का आरोप

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर शहर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसी सरकारी वाहन या काफिले का उपयोग करने के बजाय स्कूटी पर सवार होकर शहर की सड़कों और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उपमुख्यमंत्री के इस अचानक दौरे से स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने शहर की मौजूदा स्थिति को करीब से देखा और संबंधित अधिकारियों को अंबिकापुर शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सरगुजा क्षेत्र में सड़कों का काम अब जल्द शुरू होगा।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव शुक्रवार को बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूटी चलाते हुए अंबिकापुर शहर की सड़कों पर निकले। उनका यह दौरा पूरी तरह से निरीक्षण पर केंद्रित था। उन्होंने शहर के विभिन्न मार्गों पर चल रही साफ-सफाई व्यवस्था और सड़कों की भौतिक स्थिति का गहन अवलोकन किया। कई स्थानों पर उन्होंने खुद रुककर सड़कों की गुणवत्ता और सफाई के स्तर को परखा। निरीक्षण के दौरान जब उन्हें कुछ कमियां दिखीं, तो उन्होंने तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों को बुलाकर फटकार लगाई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और सुंदर शहर मिलना उनका अधिकार है, और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे इस अधिकार को सुनिश्चित करें।

सड़कों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरगुजा संभाग में सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य अब प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अब कोई देरी नहीं होगी और जो परियोजनाएं लंबित हैं, उन्हें तेजी से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उनके इस बयान से सरगुजा के लोगों को बेहतर सड़क बुनियादी ढांचे की उम्मीद जगी है, क्योंकि क्षेत्र में सड़कों की खराब हालत लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रहा है।

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल-जीवन मिशन’ को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने जल-जीवन मिशन के तहत होने वाले कार्यों को शुरू करने में तीन साल की भारी देरी की। उन्होंने इसे सीधे तौर पर कांग्रेस सरकार की लापरवाही करार दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार की उदासीनता के कारण इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ समय पर आम जनता तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने बताया कि तीन साल की इस देरी का सीधा असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की परियोजनाओं पर पड़ा है, जिससे जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

अरुण साव ने कहा कि वर्तमान सरकार इस लापरवाही को सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जल-जीवन मिशन के अधूरे और लंबित कार्यों को अब तेजी से पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेयजल योजनाओं से जुड़े सभी कामों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को शुद्ध पानी की सुविधा बिना किसी और देरी के मिल सके।

उपमुख्यमंत्री का स्कूटी पर सवार होकर शहर का निरीक्षण करना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि इस कदम से अधिकारियों में जवाबदेही का भाव बढ़ेगा और वे अपने कार्यों को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे। बिना भारी सुरक्षा घेरे और काफिले के किए गए इस निरीक्षण से उन्हें शहर की वास्तविक स्थिति देखने का अवसर मिला, जो अक्सर पूर्व नियोजित दौरे में छिप जाती है।

सरगुजा संभाग के विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार इस क्षेत्र की उपेक्षा नहीं होने देगी। चाहे वह सड़कों का निर्माण हो, साफ-सफाई की व्यवस्था हो या फिर जल-जीवन मिशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, हर मोर्चे पर काम में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार की कमियों को दूर करना और विकास की गति को बढ़ाना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने की भी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और साफ-सफाई के काम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए दोनों विभागों को मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना बनानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में निरीक्षण के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं दिखा, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, उपमुख्यमंत्री अरुण साव के अंबिकापुर दौरे ने स्थानीय प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। स्कूटी पर किए गए इस अनूठे निरीक्षण और कांग्रेस सरकार पर लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि उपमुख्यमंत्री के इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर होता है और सरगुजा की सड़कों व जल-जीवन मिशन के कार्यों में कितनी तेजी आती है।