बैतूल: ₹1.93 करोड़ के ऑनलाइन रोबोट्रेड ऐप फ्रॉड का आरोपी डेढ़ साल बाद नागपुर से गिरफ्तार, साइबर सेल की मदद से पुलिस ने दबोचा

वन्दे भारत न्यूज़, बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाले एक बड़े ठग को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बैतूल बाजार पुलिस ने ‘रोबोट्रेड’ नामक ऑनलाइन एप्लीकेशन के जरिए 1.93 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुख्य आरोपी देवकृष्ण साहू को पकड़ा है। यह आरोपी पिछले डेढ़ साल से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए अपनी लोकेशन बदलता रहता था। अंततः साइबर सेल की तकनीकी मदद से मिली सटीक लोकेशन के आधार पर बैतूल बाजार पुलिस की एक विशेष टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर शहर से उसे दबोच लिया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा हुआ है। आरोपी देवकृष्ण साहू ने ‘रोबोट्रेड’ नाम की एक एप्लीकेशन के माध्यम से आम लोगों को निवेश करने और भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया था। इस ऐप के जरिए उसने कई लोगों से करोड़ों रुपये की रकम वसूली और बाद में उन्हें उनके निवेश का कोई लाभ नहीं दिया। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपी ने ऐप बंद कर दी या काम करना बंद कर दिया और खुद फरार हो गया। इस तरह से कुल 1.93 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया, जिसके बाद पीड़ितों ने बैतूल बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने के बाद बैतूल बाजार पुलिस ने आरोपी देवकृष्ण साहू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। हालांकि, आरोपी बेहद शातिर था और वह पुलिस को चकमा देकर लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। वह डेढ़ साल से अधिक समय तक फरार रहा, जिस दौरान पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी रहीं, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
इस मामले में निर्णायक मोड़ तब आया जब बैतूल पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली। साइबर सेल की तकनीकी टीम ने आरोपी के मोबाइल नंबर, डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। लंबी तकनीकी जांच और सर्विलांस के बाद साइबर सेल को आरोपी देवकृष्ण साहू की सटीक लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर शहर में होने की पुष्टि हुई। जैसे ही यह जानकारी बैतूल बाजार पुलिस को मिली, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
यह पुलिस टीम बिना समय गंवाए सीधे नागपुर के लिए रवाना हुई। नागपुर पहुंचकर टीम ने स्थानीय पुलिस और साइबर सेल द्वारा उपलब्ध कराई गई तकनीकी जानकारी के आधार पर एक सुनियोजित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने आरोपी देवकृष्ण साहू को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बैतूल लाया गया, जहां उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लेकर उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी देवकृष्ण साहू अकेले इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क को चला रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह शामिल है। 1.93 करोड़ रुपये की यह रकम काफी बड़ी है और संभावना जताई जा रही है कि इस ऐप के जरिए कई अन्य लोगों को भी ठगा गया होगा, जिन्होंने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस फरार रहे डेढ़ साल के दौरान आरोपी के बैंक खातों, उसके लेन-देन और उसके सहयोगियों की भी जानकारी जुटा रही है ताकि ठगी गए पैसों को बरामद किया जा सके और पीड़ितों को राहत दी जा सके।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी के ऐसे मामले हाल के वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। अपराधी ‘रोबोट्रेड’ जैसे आकर्षक नामों वाली एप्लीकेशन बनाते हैं और सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आम लोगों को जोड़ते हैं। शुरुआत में छोटे निवेशकों को कुछ मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीता जाता है और फिर बड़ी रकम निवेश कराने के बाद ऐप बंद कर दी जाती है या खाते ब्लॉक कर दिए जाते हैं।
बैतूल बाजार पुलिस ने इस सफल गिरफ्तारी के बाद आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान ऑनलाइन एप्लीकेशन या लिंक के जरिए ट्रेडिंग और निवेश से बचें। यदि कोई व्यक्ति या ऐप कम समय में दोगुना या भारी मुनाफे का वादा करता है, तो उसे तुरंत संदिग्ध मानना चाहिए। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर पीड़ितों को तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या अपने नजदीकी पुलिस थाने और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। बैतूल पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में ऑनलाइन ठगों के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है और उम्मीद है कि इससे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

