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Thu, Oct 8, 2026Updated 11:57 AM IST
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बैतूल: ₹1.93 करोड़ के ऑनलाइन रोबोट्रेड ऐप फ्रॉड में डेढ़ साल से फरार आरोपी देवकृष्ण साहू नागपुर से गिरफ्तार

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वन्दे भारत न्यूज़, बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को चूना लगाने वाले एक बड़े शातिर ठग को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया है। बैतूल बाजार थाना पुलिस ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लीकेशन (RoboTrade App) के जरिए 1.93 करोड़ रुपये की भारी धोखाधड़ी करने के मामले में पिछले डेढ़ साल से लगातार फरार चल रहे मुख्य आरोपी देवकृष्ण साहू को महाराष्ट्र के नागपुर शहर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर सेल द्वारा उपलब्ध कराई गई सटीक लोकेशन के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित और सुनियोजित अभियान चलाकर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बैतूल जिले के बैतूल बाजार थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। यहां पीड़ितों के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी। आरोपी देवकृष्ण साहू ने ‘रोबोट्रेड’ नामक एक मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके लोगों को अपने जाल में फंसाया। इस ऐप के माध्यम से वह लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग में बेहतर मुनाफा कमाने का लालच देता था। जब लोग उसके झांसे में आकर निवेश करते थे, तो वह उनके पैसों को हड़प लेता था। इस तरह से उसने कुल 1.93 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

इस मामले में पीड़ितों ने जब बैतूल बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि यह ठगी किसी आम तरीके से नहीं, बल्कि एक सुनियोजित योजना के तहत रोबोट्रेड ऐप का उपयोग करके की गई है। पुलिस ने आरोपी देवकृष्ण साहू के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। हालांकि, मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था।

आरोपी देवकृष्ण साहू पिछले डेढ़ साल से पुलिस को चकमा देकर लगातार फरार चल रहा था। इस दौरान वह अपना ठिकाना बार-बार बदलता रहा ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सके। डेढ़ साल तक फरार रहने के कारण इस मामले की जांच में कई चुनौतियां आ रही थीं, लेकिन बैतूल बाजार पुलिस ने इस मामले में अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। पुलिस लगातार आरोपी के सुराग तलाश रही थी और उसके संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी।

इस मामले में निर्णायक सफलता तब मिली, जब बैतूल पुलिस की मदद के लिए साइबर सेल आगे आया। साइबर सेल की तकनीकी टीम ने आरोपी देवकृष्ण साहू के डिजिटल फुटप्रिंट्स और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। आधुनिक तकनीक और साइबर सेल की विशेषज्ञता के उपयोग के बाद, टीम को आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र के नागपुर शहर में होने की पुख्ता जानकारी मिली। साइबर सेल ने यह सटीक लोकेशन बैतूल बाजार थाना पुलिस को उपलब्ध कराई।

साइबर सेल से मिली लोकेशन के आधार पर बैतूल बाजार पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत गठित की गई। यह टीम नागपुर के लिए रवाना हुई। नागपुर पहुंचकर पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के समन्वय और साइबर सेल द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी देवकृष्ण साहू को नागपुर से धर दबोचा। डेढ़ साल की लंबी फरारी के बाद आरोपी का पकड़ा जाना पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और फर्जी ऐप के जरिए होने वाली ठगी के मामले हाल के वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। रोबोट्रेड जैसे ऐप्स का उपयोग करके ठग आम लोगों को शेयर बाजार या क्रिप्टोकरेंसी में स्वचालित (ऑटोमेटेड) ट्रेडिंग के जरिए रातोंरात अमीर बनाने का सपना दिखाते हैं। ऐसे ऐप्स अक्सर अवैध होते हैं और इनका उद्देश्य केवल लोगों की गाढ़ी कमाई को लूटना होता है। बैतूल के इस मामले में भी ठग ने इसी तकनीकी का सहारा लेकर 1.93 करोड़ रुपये की बड़ी रकम हड़प ली थी।

अब आरोपी देवकृष्ण साहू को नागपुर से गिरफ्तार कर बैतूल लाया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि क्या इस ठगी के पीछे कोई और बड़ा गिरोह काम कर रहा था, या फिर आरोपी ने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा, ठगी के 1.93 करोड़ रुपये कहां और कैसे खर्च या छिपाए गए हैं, इसकी भी जानकारी आरोपी से उगलवाने का प्रयास किया जाएगा।

बैतूल बाजार पुलिस की इस सफल कार्रवाई से साइबर ठगों में खौफ पैदा होने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर किसी भी अनजान ऐप या लिंक पर भरोसा न करें। बिना उचित जांच और पंजीकरण के किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा निवेश करना भारी पड़ सकता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी होती है, तो उसे तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।