बाराबंकी में ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर से बाइक सवार गंभीर, सिर में चोट लगने पर जिला अस्पताल रेफर

बाराबंकी में ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर से बाइक सवार गंभीर, सिर में चोट लगने पर जिला अस्पताल रेफर
कसियापुर चौराहे के पास हुआ हादसा, डीजल लेने जा रहे भटुवामऊ निवासी मनोज यादव को ट्रैक्टर ने मारी टक्कर; चालक वाहन लेकर फरार
फतेहपुर, बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के फतेहपुर क्षेत्र में मंगलवार को सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। कसियापुर चौराहे के पास लालगांव की ओर से आ रहे ट्रैक्टर ने उसकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा और उसके सिर में चोट लग गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल बाराबंकी रेफर कर दिया गया।
डीजल लेने जा रहे युवक की बाइक में मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार, भटुवामऊ निवासी मनोज यादव (33 वर्ष) मंगलवार को अपनी मोटरसाइकिल से डीजल लेने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान जब वह कसियापुर चौराहे के पास पहुंचे, तभी लालगांव की ओर से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। अचानक हुई इस भिड़ंत से मनोज यादव संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।
स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल युवक की मदद की और उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर पहुंचाया। वहां चिकित्सक डॉ. निसार अहमद ने मनोज यादव का प्राथमिक उपचार किया। सिर में चोट लगने के कारण चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल बाराबंकी रेफर कर दिया। हादसे के बाद घायल के परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
ट्रैक्टर लेकर फरार हुआ चालक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक को टक्कर मारने के बाद ट्रैक्टर चालक मौके पर रुकने के बजाय वाहन लेकर फरार हो गया। फिलहाल चालक की पहचान नहीं हो सकी है। दुर्घटना के कारणों और फरार ट्रैक्टर चालक के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
कसियापुर चौराहे के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क पर सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित किया है। दुर्घटना के बाद घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाने में स्थानीय लोगों की भूमिका अहम रही।

