भिंड में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव, दिल्ली में राहुल गांधी पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में मोदी सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में शुक्रवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई और कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए।
भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। इंडिया गठबंधन के नेताओं का कहना था कि दिल्ली में राहुल गांधी के साथ पुलिस द्वारा जिस तरह की कार्रवाई की गई है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका आरोप था कि विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि वे राहुल गांधी के साथ खड़े हैं और किसी भी प्रकार की दमनकारी कार्रवाई से नहीं डरते। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन जारी रहा तो इंडिया गठबंधन भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी जोरदार मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए कहा कि वर्तमान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं रह गई है। उनका आरोप था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि जब तक चुनाव आयोग में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आम जनता का लोकतंत्र पर से विश्वास उठता जाएगा। इसलिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अपने पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए ताकि एक स्वतंत्र अधिकारी की नियुक्ति हो सके जो बिना किसी राजनीतिक दबाव के चुनाव प्रक्रिया का संचालन कर सके।
प्रदर्शन का एक अन्य प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) भी रहा। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दावा किया कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उनका आरोप था कि यह कोई साधारण प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है ताकि आगामी चुनावों में कुछ विशेष वर्गों या समुदायों के वोटों को कम किया जा सके। नेताओं ने सवाल उठाया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें इसके बारे में कोई पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची में किए जा रहे इन बदलावों की पूरी जांच होनी चाहिए और जिन पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें तुरंत वापस जोड़ा जाना चाहिए।
भिंड कलेक्ट्रेट में जुटे इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इस पूरे मामले को लेकर एक ज्ञापन भी तैयार किया, जिसे जिला प्रशासन के अधिकारियों को सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल और राष्ट्रपति से भी अपील की गई कि वे दिल्ली में राहुल गांधी पर हुई पुलिस कार्रवाई और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में धांधली के आरोपों पर संज्ञान लें। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार हर नागरिक और नेता को प्राप्त है, लेकिन उस अधिकार का दमन करना संविधान की भावना के विपरीत है।
इस मौके पर भिंड जिले के विभिन्न हिस्सों से आए इंडिया गठबंधन के स्थानीय नेता, पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे केंद्र सरकार की नीतियों और चुनाव आयोग के मौजूदा रवैये से असंतुष्ट हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भिंड पुलिस की टीमें भी कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास तैनात रहीं। हालांकि, प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति या एक पार्टी की नहीं है, बल्कि यह देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जांचें और अगर नाम हटा दिया गया है तो तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। भिंड में हुए इस घेराव कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इंडिया गठबंधन दिल्ली में राहुल गांधी पर हुई कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर आने वाले दिनों में अपना विरोध और तेज कर सकता है।

