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Fri, Oct 9, 2026Updated 1:37 PM IST
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भोपाल: TET का विरोध कर रहे शिक्षकों ने नीलम पार्क में किया आंदोलन, CM मोहन यादव से संवाद और न्याय की लगाई गुहार

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के विरोध में आंदोलन कर रहे शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधे संवाद की उम्मीद जताई है। राजधानी के नीलम पार्क में चल रहे इस आंदोलन में शामिल शिक्षकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें न तो किसी तरह का दबाव चाहिए और न ही टकराव की स्थिति पैदा होनी चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार के साथ संवाद होना चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। इस दौरान आंदोलनरत शिक्षकों ने ‘दो इडली-एक डोसा, मोहन यादव पर ही भरोसा’ जैसे नारे भी लगाए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षक वर्ग समाधान के लिए पूरी तरह से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर ही निर्भर है और उनसे ही रास्ते निकलने की आस लगाए बैठा है।

नीलम पार्क में जारी इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए हैं। इन शिक्षकों ने अपने आंदोलन के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि नीलम पार्क भोपाल से उठ रही शिक्षकों की आवाज अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचनी चाहिए। शिक्षकों का मानना है कि यदि उनकी बात मुख्यमंत्री स्तर पर सुनी जाएगी, तो TET से जुड़े उनके मुद्दों का कोई ठोस और सकारात्मक हल निकल सकता है। आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और सरकार से अपील की कि उनके साथ वार्ता का माहौल बनाया जाए।

शिक्षकों द्वारा TET का विरोध करने का मुख्य कारण यह है कि वे इस परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं और आपत्तियां दर्ज कराना चाहते हैं। हालांकि, आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने किसी भी प्रकार की उग्रता या टकराव की नीति अपनाने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘न दबाव चाहिए, न टकराव चाहिए, मांगों पर संवाद और न्याय चाहिए।’ यह नारा इस बात का प्रतीक है कि शिक्षक वर्ग अपनी समस्याओं का समाधान लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चाहता है। वे सरकार के खिलाफ कोई अनावश्यक तनाव नहीं बढ़ाना चाहते, बल्कि एक रचनात्मक संवाद के माध्यम से अपनी बात रखना चाहते हैं ताकि दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान निकाला जा सके।

आंदोलन में शामिल शिक्षकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। ‘दो इडली-एक डोसा, मोहन यादव पर ही भरोसा’ के नारे के माध्यम से शिक्षकों ने यह रेखांकित करने का प्रयास किया कि मौजूदा राज्य नेतृत्व से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। शिक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा जगत से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से समझते हैं और वे शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण करने में सक्षम हैं। यही कारण है कि TET का विरोध कर रहे शिक्षकों की अब एक ही आस बची है, और वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समाधान की उम्मीद।

राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा यह आंदोलन शिक्षकों की एकजुटता का भी प्रतीक बन गया है। दूर-दराज से आए शिक्षक इस पार्क में एकत्रित होकर अपनी सामूहिक आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि नीलम पार्क से उठने वाली यह आवाज केवल एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के शिक्षकों की भावनाओं और मांगों का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि यह बात मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाई जाए और उस पर उचित कार्यवाही हो।

शिक्षा विभाग और सरकारी तंत्र के बीच संवाद की कमी को दूर करने के लिए शिक्षक लगातार प्रयासरत हैं। उनका स्पष्ट मत है कि जब तक सरकार और शिक्षकों के बीच सीधा संवाद नहीं होगा, तब तक TET जैसे मुद्दों का स्थायी समाधान संभव नहीं है। शिक्षकों ने इस बात पर भी जोर दिया कि वे किसी भी प्रकार के दबाव की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उनका लक्ष्य केवल इतना है कि उनकी वैध मांगों पर ध्यान दिया जाए और उन्हें न्याय मिले।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि शिक्षकों ने आंदोलन की मर्यादा को बनाए रखा है। उन्होंने न तो सरकारी कामकाज में बाधा डालने की बात कही है और न ही किसी प्रकार के टकराव को आमंत्रित किया है। इसके विपरीत, उन्होंने ‘मांगों पर संवाद और न्याय चाहिए’ कहकर सरकार के सामने सहयोग का हाथ बढ़ाया है। शिक्षकों की इस शांतिपूर्ण और संवादपरक मांग को देखते हुए अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय पर टिकी हुई हैं। यह देखा जाना बाकी है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षकों की इस अपील पर कब और कैसे संज्ञान लेते हैं तथा नीलम पार्क से उठ रही इस आवाज का क्या समाधान निकलता है। फिलहाल, शिक्षक वर्ग पूरी तरह से मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और उनके द्वारा दिए जाने वाले आश्वासन का इंतजार कर रहा है।