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Mon, Oct 12, 2026Updated 3:04 PM IST
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बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सियासी घमासान: भाजपा प्रवक्ता ने कहा- ‘फर्जी वोटरों के जिन्न का हो रहा सफाया’, तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

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पटना/बेगूसराय। बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान और फर्जी मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां इस प्रक्रिया को लोकतंत्र की शुद्धि और पारदर्शिता का कदम बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी कड़ी में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार में मतदाता सूची से फर्जी नामों को हटाने का कार्य एक आवश्यक और पारदर्शी प्रक्रिया है। उन्होंने इस अभियान को ‘फर्जी वोटरों के जिन्न का सफाया’ करार दिया। उनका कहना था कि चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची पूरी तरह से त्रुटिरहित, अद्यतन और विश्वसनीय हो। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से फर्जी मतदाताओं के नाम सूचियों में शामिल होने से चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को ठेस पहुंचती रही है, और अब इस व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश न रहे।

नीरज कुमार शर्मा ने विपक्षी दलों की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की बात करते हैं, उन्हें फर्जी मतदाताओं को हटाए जाने के इस अभियान का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि फर्जी मतदाताओं के संरक्षण की राजनीति करने वाले ही आज इस पारदर्शी प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनके लिए ये फर्जी वोटर्स राजनीतिक लाभ का जरिया रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने दोहराया कि निर्वाचन आयोग अपनी नियमित और वैधानिक प्रक्रिया के तहत यह काम कर रहा है, जिसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।

इस दौरान भाजपा प्रवक्ता ने राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी सीधा निशाना साधा। तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में की गई हालिया गतिविधियों और बैठकों का जिक्र करते हुए नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार की जनता की समस्याओं को छोड़कर राजनीतिक ड्रामा करने के लिए दिल्ली गए हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बिहार की जनता अपने नेताओं को अपने बीच खोज रही है और उनके सामने रोजमर्रा के मुद्दे हैं, तब विपक्षी नेता दिल्ली की सड़कों पर राजनीतिक नाटक कर रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार के विकास और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की नियमित प्रक्रियाओं को लेकर भ्रामक माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सब समझती है और वह यह देख रही है कि कौन नेता उनके लिए काम कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है। दिल्ली में विपक्षी नेताओं की बैठकों को लेकर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से बिहार की जनता को कोई लाभ नहीं होने वाला है, बल्कि इससे उनकी छवि ही प्रभावित होती है।

गौरतलब है कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य भर में व्यापक स्तर पर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में मृत व्यक्तियों, स्थानांतरित हो चुके लोगों और अन्य कारणों से अपात्र पाए गए मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का कार्य भी जारी है। चुनाव आयोग ने इस पूरे अभियान को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, विपक्षी दलों, विशेष रूप से राजद और कांग्रेस का आरोप है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के नाम पर वास्तविक और योग्य मतदाताओं, खासकर अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और इसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में भी अपनी आवाज बुलंद की थी, जिसके बाद भाजपा की ओर से यह तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

बिहार की राजनीति में मतदाता सूची का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। हर बार जब भी सूची का पुनरीक्षण होता है, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है। वर्तमान में भी यह मुद्दा राज्य की राजनीति में गर्माया हुआ है। भाजपा जहां इसे चुनावी सुधार और लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रयास बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अपने मतदाताओं को दूर रखने की साजिश करार दे रहा है।

भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने अंत में कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह से स्पष्ट है और निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया का पूर्ण समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं का सफाया होना लोकतंत्र की जीत है और बिहार की जनता इस पारदर्शी पहल का स्वागत कर रही है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों की तरफ से अभी तक भाजपा प्रवक्ता के इन ताजा आरोपों पर कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है। बेगूसराय सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं।