Thu, 08 Oct 20265:45 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 5:45 PM IST
होम › छत्तीसगढ़

बिलासपुर: कोटा के हनी बी रिसॉर्ट मैनेजर आकाश तिवारी शराब के नशे में मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार

WhatsAppFacebookX

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में स्थित हनी बी रिसॉर्ट के मैनेजर द्वारा शराब के नशे में उत्पात मचाने, तीन व्यक्तियों के साथ मारपीट करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटनाक्रम में दर्ज तीनों शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आरोपी मैनेजर आकाश तिवारी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटना स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि एक प्रतिष्ठित रिसॉर्ट के प्रबंधन स्तर पर कार्यरत व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का आचरण किया गया है।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला कोटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। हनी बी रिसॉर्ट के मैनेजर आकाश तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने मदहोशी की हालत में रिसॉर्ट परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में भारी हंगामा किया। शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बिना किसी उचित कारण के वहां मौजूद तीन व्यक्तियों पर हमला किया और उनके साथ हाथापाई की। इस दौरान आरोपी ने पीड़ितों को अश्लील और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज भी की। स्थिति तब और अधिक गंभीर हो गई जब आरोपी ने पीड़ितों को जान से मारने की खुली धमकी दे दी, जिससे वहां उपस्थित लोगों में दहशत और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई।

इस घटना के संबंध में पुलिस को कुल तीन अलग-अलग शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों में मारपीट, अभद्र व्यवहार और जानलेवा धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। कोटा पुलिस ने सभी शिकायतों का तकनीकी और वैधानिक रूप से परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को सत्य पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी आकाश तिवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने बिना किसी देरी के कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और क्षेत्र में कानून का राज बना रहे।

यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के अंदर और उसके प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति द्वारा की गई है। रिसॉर्ट जैसे स्थानों पर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में जब स्वयं मैनेजर ही शराब के नशे में हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो यह न केवल उस प्रतिष्ठान की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करता है। पुलिस ने अपनी जांच में इस बात पर भी ध्यान केंद्रित किया है कि क्या रिसॉर्ट के अंदर शराब के सेवन या अवैध गतिविधियों को लेकर कोई अन्य उल्लंघन तो नहीं हो रहा था। हालांकि, वर्तमान में पुलिस की प्राथमिकता दर्ज शिकायतों के आधार पर मारपीट और धमकी देने के मामले में वैधानिक कार्रवाई पूरी करना है।

आरोपी आकाश तिवारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में आगे की विवेचना कर रही है। इसमें गवाहों के बयान दर्ज करना, सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हो) का विश्लेषण करना और मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त करना शामिल है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि पीड़ितों को किसी प्रकार का दबाव या डर न लगे और वे निर्भीक होकर अपने बयान दर्ज करा सकें। कोटा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की सामाजिक या व्यावसायिक स्थिति को देखे बिना कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर जिले में हाल के दिनों में शराब के नशे में होने वाली हिंसक घटनाओं पर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क है। ऐसे मामलों में पुलिस का रुख सख्त रहा है ताकि समाज में यह संदेश जाए कि नशे की हालत में किए गए अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हनी बी रिसॉर्ट मैनेजर की गिरफ्तारी इसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस ने स्थानीय निवासियों और रिसॉर्ट में आने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें इस मामले या रिसॉर्ट की गतिविधियों से संबंधित कोई अन्य जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल पुलिस को सूचित करें।

इस प्रकरण में पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और यदि जांच के दौरान कोई नए तथ्य या अन्य आरोप सामने आते हैं, तो उन पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, तीनों शिकायतों के आधार पर दर्ज मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और न्यायिक प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। बिलासपुर पुलिस ने पीड़ित पक्षों को आश्वस्त किया है कि इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांच की जाएगी तथा दोषी को कानून के अनुसार उचित दंड दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक भी है कि सुरक्षा मानकों और आचरण संहिता का पालन अनिवार्य है।